दो कदम पीछे आए ठाकरे और शिंदे, फिर से एक हो शिवसेना
विधायक बच्चू कडू ने जताया आशावाद

अमरावती /दि.22- दो अलग-अलग घरों का नेतृत्व कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे एवं राज्य के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आपसी मतभेद को भुलाते हुए अब दो-दो कदम पीछे लेना चाहिए तथा शिवसेना के दोनों गुटों को मिलाकर पहले की तरह संयुक्त व एकीकृत शिवसेना रहनी चाहिए. क्योंकि शिवसेना का रहना सबसे ज्यादा जरूरी व महत्वपूर्ण है. ऐसे में ठाकरे और शिंदे ने दोबारा एक साथ आना चाहिए. इस आशय का भावनात्मक विचार शिंदे गुट वाली शिवसेना के विधायक बच्चू कडू द्बारा व्यक्त किया गया.
महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे गुट के 6 सांसदों की बगावत तथा शिंदे गुट वाली शिवसेना द्बारा शुरू किए गये ‘ऑपरेशन टायगर’ को लेकर चहुंओर चल रही चर्चा के बीच शिंदे गुटवाली शिवसेना के विधान परिषद सदस्य एवं पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने शिवसेना के दोनों धडों के एक बार फिर एक साथ आने की इच्छा जताई है. उन्होंने शिवसेना को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पार्टी के दोनों गुटों के नेता ने अपने-अपने मतभेदों को भुलाकर दोबारा एक साथ आना चाहिए.
मीडिया के साथ बातचीत में विधायक बच्चू कडू ने कहा कि उन्हें ऑपरेशन टायगर के बारे में कोई भी जानकारी नहीं थी. वह ऑपरेशन पूरी तरह से डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे द्बारा किया गया. जिसके चलते इस समय यह स्थिति है कि केवल संसद एवं विधायक ही नहीं बल्कि आम कार्यकर्ता भी एकनाथ शिंदे के साथ है. इस समय विधायक बच्चू कडू ने यह भी कहा कि ठाकरे गुट छोडकर शिंदे गुट में शामिल होनेवाले सांसदो व विधायकों सहित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को ठाकरे गुट द्बारा बदनाम किया जा रहा है. जबकि हकीकत में ठाकरे गुट ने इस स्थिति के लिए खुद आत्मचिंतन करना चाहिए कि लोग उन्हें छोडकर क्यों जा रहे है. बच्चू कडू के मुताबिक पार्टी छोडकर जानेवाले लोगों पर बे सिर पैर के लांछन लगाना किसी भी लिहाज से योग्य नहीं है. साथ ही बच्चू कडू ने यह भी कहा कि अब केवल एक ही शिवसेना बची हुई है और वह शिवसेना डेप्युटी सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्ववाली शिवसेना ही है.





