अमरावती मध्यवर्ती कारागृह में बंदियों ने मनाया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
योग, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन का संदेश

अमरावती/दि.22- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अमरावती मध्यवर्ती कारागृह में बंदियों के लिए विशेष योग, प्राणायाम एवं ध्यान शिविर का आयोजन किया गया. महाराष्ट्र राज्य कारागृह एवं सुधार सेवा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की प्रेरणा तथा कारागृह प्रशासन के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बंदियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की.
यह कार्यक्रम महाराष्ट्र राज्य कारागृह एवं सुधार सेवा विभाग के अपर पुलिस महानिदेशक एवं महानिरीक्षक कारागृह एवं सुधार सेवा श्री सुहास वारके, विशेष कारागृह महानिरीक्षक श्री योगेश देसाई तथा पूर्व विभाग नागपुर के कारागृह उपमहानिरीक्षक श्री वैभव आगे की प्रेरणा से आयोजित किया गया. कार्यक्रम का मार्गदर्शन अमरावती मध्यवर्ती कारागृह की अधीक्षक श्रीमती कीर्ति चिंतामणी ने किया.
आर्ट ऑफ लिविंग, अमरावती शाखा तथा कारागृह प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस शिविर में योग प्रशिक्षक के रूप में श्री रमेश गवई एवं श्री विशाल डहाके उपस्थित रहे. उन्होंने बंदियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान साधना का अभ्यास कराया और योग के शारीरिक, मानसिक तथा आध्यात्मिक लाभों की विस्तृत जानकारी दी.
कार्यक्रम की शुरुआत कारागृह शिक्षक श्री ललित मुंडे द्वारा प्रस्तुत प्रेरणादायी गीत इतनी शक्ति हमें देना दाता से हुई. इसके पश्चात बंदियों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास, प्राणायाम एवं ध्यान सत्र में भाग लिया. योग प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से मानसिक तनाव कम होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है तथा जीवन में सकारात्मकता का विकास होता है.
कार्यक्रम में कारागृह प्रशासन की ओर से उपाधीक्षक प्रदीप इंगळे, वरिष्ठ तुरंग अधिकारी देवराव जाधव, तुरंग अधिकारी हेमंत इंगोले तथा कारागृह शिक्षक ललित मुंडे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. इस आयोजन को सफल बनाने में आर्ट ऑफ लिविंग अमरावती शाखा के श्री ललित नानोटकर का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ. वहीं हवालदार तायडे तथा कारागृह कर्मचारी श्री यशवंत पाटील और यादव कातोरे ने कार्यक्रम की व्यवस्था एवं संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
कारागृह प्रशासन के अनुसार योग, प्राणायाम और ध्यान जैसी गतिविधियां बंदियों के व्यक्तित्व विकास, मानसिक संतुलन, आत्मानुशासन तथा पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होती हैं. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने बंदियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और सकारात्मक सोच विकसित करने की प्रेरणा दी.





