हमारा एक भी विधायक कहीं नहीं जाएगा
दल-बदल की अटकलों पर शरद पवार का बड़ा बयान

पुणे /दि.25- महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ और संभावित दल-बदल को लेकर चर्चाएं तेज हैं. इसी बीच शरद पवार डहरीरव झरुरी ने अपनी पार्टी में टूट की सभी अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट कहा है कि उनकी पार्टी का कोई भी विधायक या सांसद कहीं नहीं जाने वाला है.
गुरुवार को बारामती दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में शरद पवार ने संभावित बगावत और दल-बदल की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी. जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी के विधायक या सांसद अन्य दलों में शामिल हो सकते हैं, तो उन्होंने संक्षिप्त लेकिन स्पष्ट जवाब दिया. उनके इस बयान को पार्टी के भीतर संभावित टूट की अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
* धर्मराव बाबा आत्राम के दावे से बढ़ी थी चर्चा
हाल ही में मंत्री धर्मराव बाबा आत्राम ने दावा किया था कि 12 दिसंबर से पहले शरद पवार गुट के पांच सांसद महायुति में शामिल हो सकते हैं. इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई थी कि राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के कुछ जनप्रतिनिधि पाला बदल सकते हैं. हालांकि, शरद पवार ने अब इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है.
* ‘ऑपरेशन टाइगर’ के बाद बढ़ी हलचल
हाल के दिनों में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना द्वारा कथित रूप से ‘ऑपरेशन टाइगर’ चलाए जाने की चर्चा रही है. इसके तहत शिवसेना (उद्धव गुट) के छह सांसदों के शिंदे गुट के साथ जाने की खबरों ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी. इसके बाद यह अटकलें भी तेज हुईं कि विपक्षी दलों के कुछ विधायक भी सत्ता पक्ष का रुख कर सकते हैं. हालांकि शिवसेना (उद्धव गुट) लगातार दावा कर रही है कि पार्टी में कोई बड़ी टूट नहीं होगी.
* महाविकास आघाड़ी में बढ़ी सतर्कता
इस पूरे घटनाक्रम के बाद महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के घटक दलों ने संगठनात्मक स्तर पर सक्रियता बढ़ा दी है. कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) अपने विधायकों और सांसदों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं तथा संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महाराष्ट्र में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच आने वाले दिनों में कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं. फिलहाल शरद पवार के बयान ने उनकी पार्टी में संभावित टूट की अटकलों को विराम देने का प्रयास जरूर किया है.





