अमरावती कारागृह में हुआ भक्ति और आत्मचिंतन का संगम
कैदियों के लिए आयोजित हुआ प्रेरणादायी कीर्तन

अमरावती/दि.27- महाराष्ट्र शासन के सांस्कृतिक कार्य विभाग तथा कारागार एवं सुधार सेवा विभाग के संयुक्त सहयोग से 26 जून को अमरावती सेंट्रल जेल में कैदियों के लिए प्रेरणादायी प्रासादिक कीर्तन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन व्या. मामासाहेब दांडेकर वारकरी सेवा संघ, आलंदी (पुणे) द्वारा किया गया, जिसमें प्रसिद्ध कीर्तनकार ह.भ.प. श्री निलेश महाराज झारेगांवकर ने कीर्तन के माध्यम से कैदियों को आध्यात्मिक एवं नैतिक संदेश दिए.
यह कार्यक्रम महाराष्ट्र शासन के सांस्कृतिक कार्य विभाग तथा कारागार एवं सुधार सेवाएं, महाराष्ट्र राज्य के सहयोग से आयोजित किया गया. कार्यक्रम को अमरावती सेंट्रल जेल की अधीक्षक श्रीमती कीर्ति चिंतामणि के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया. दोपहर 3 से 5 बजे तक चले इस कार्यक्रम में लगभग 260 कैदियों ने भाग लिया. अपने कीर्तन में ह.भ.प. श्री निलेश महाराज झारेगांवकर ने मानव जीवन, आत्मपरिवर्तन, संत परंपरा और आध्यात्मिक जागृति का संदेश दिया. उन्होंने बताया कि ज्ञान, भक्ति और सदाचार के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है. वाल्या कोली के महर्षि वाल्मीकि बनने का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि सच्चे पश्चाताप और सत्कर्म से जीवन की दिशा बदली जा सकती है. उनके साथ आए भजन गायकों और संगीतकारों ने भक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया.
कार्यक्रम के समापन पर संत ज्ञानेश्वर महाराज के पसायदान का सामूहिक गायन किया गया. जेल प्रशासन ने ह.भ.प. श्री निलेश महाराज झारेगांवकर को सम्मान-पत्र देकर उनके सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान का सम्मान किया. इस अवसर पर ह.भ.प. श्री निलेश महाराज झारेगांवकर ने कहा कि महाराष्ट्र की सभी जेलों में प्रासादिक कीर्तन के माध्यम से कैदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, सांस्कृतिक कार्य विभाग तथा कारागार प्रशासन के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया.
कार्यक्रम का परिचय जेल शिक्षक ललित मुंडे ने कराया, जबकि प्रभारी अधीक्षक विलास भोइते ने आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर वारकरी आचार संहिता परिषद के कैलास महाराज चिंचोलकर, दत्तात्रय पथरुट, सोम प्रभाकर देशमुख, समाधान रणखांब सहित अन्य वारकरी, संगीतकार एवं गायक उपस्थित रहे. वहीं जेल प्रशासन की ओर से उप अधीक्षक देवराव जाधव, वरिष्ठ जेल अधिकारी धनसिंह कवाले, आंतरिक सुरक्षा अधिकारी हेमंत इंगले, विभागीय जेल अधिकारी संजय घोलप, शिक्षक ललित मुंडे, सूबेदार गोपाल कचरे तथा यादव कटोरा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे.





