जनसहभागीता के बिना डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया पर नियंत्रण संभव नहीं – डॉ. प्रमोद पोतदार

मोर्शी/दि.1– बारिश का मौसम शुरू होते ही मच्छरों से फैलने वाले रोगों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में नागरिकों की जागरूकता और सक्रिय सहभागिता के बिना डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया तथा हत्तीरोग (फाइलेरिया) जैसे कीटजन्य रोगों पर प्रभावी नियंत्रण संभव नहीं है. यह बात उपजिला अस्पताल मोर्शी के वैद्यकीय अधीक्षक डॉ. प्रमोद पोतदार ने नागरिकों से अपील करते हुए कही.
डॉ. पोतदार ने बताया कि डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर स्वच्छ और ठहरे हुए पानी में अंडे देते हैं. घरों और आसपास रखी पानी की टंकियां, हौद, मटके, पुराने टायर, नारियल के खोल, फ्रिज की ट्रे, कूलर, मनी प्लांट के बर्तन तथा फूलों के गमले मच्छरों के प्रजनन के प्रमुख स्थान बन जाते हैं. यदि इन स्थानों की नियमित सफाई नहीं की जाए तो मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है. उन्होंने नागरिकों से सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाने का आह्वान किया. इसके तहत घर में पानी रखने वाले सभी बर्तनों, टंकियों और कंटेनरों को पूरी तरह खाली कर साफ करना, सुखाना और धूप दिखाने के बाद ही दोबारा भरना चाहिए. पानी की टंकियों पर हमेशा मजबूत और ढक्कनयुक्त व्यवस्था रखनी चाहिए ताकि मच्छर उसमें अंडे न दे सकें.
डॉ. पोतदार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा कंटेनर सर्वेक्षण के दौरान कई घरों में पानी की टंकियां खुली पाई जाती हैं. कई नागरिक यह कहकर लापरवाही बरतते हैं कि यह उपयोग का पानी है, इसलिए उसे खाली नहीं किया जा सकता. लेकिन इसी पानी में मच्छरों के अंडे और लार्वा विकसित होते हैं. जिस प्रकार लोग पीने के पानी को ढंककर रखते हैं, उसी प्रकार उपयोग में आने वाले पानी की भी विशेष देखभाल करना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि डेंगू एक गंभीर और कभी-कभी जानलेवा बीमारी साबित हो सकती है. इसके उपचार पर भारी खर्च भी आता है. इसलिए बीमारी होने के बाद इलाज कराने की अपेक्षा पहले से सावधानी बरतना अधिक जरूरी है. स्वास्थ्य विभाग का कार्य लोगों को जागरूक करना, मार्गदर्शन देना और आवश्यक उपाय करना है, लेकिन विभाग द्वारा बताई गई सावधानियों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है.
डॉ. पोतदार ने कहा कि मच्छरों की उत्पत्ति रोकना पूरी तरह से लोगों के हाथ में है. यदि प्रत्येक नागरिक अपने घर और परिसर में पानी जमा नहीं होने देगा तथा स्वच्छता बनाए रखेगा, तो डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है. उन्होंने सभी नागरिकों से स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करने, अपने घरों एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने का आह्वान किया. साथ ही उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही इन रोगों को रोका जा सकता है और समाज को स्वस्थ रखा जा सकता है.





