पंचतत्व में विलीन हुए पं. देवदत्त शर्मा
सैंकडों गणमान्यों साश्रु नयनों के साथ दी अंतिम विदाई

* विभिन्न क्षेत्रों से वास्ता रखनेवाले गणमान्यों की रही उपस्थिति
अमरावती/दि.2- शहर सहित जिले के सामाजिक, सांस्कृतिक व धार्मिक क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान रखनेवाले पं. देवदत्तजी शर्मा का गतरोज 73 वर्षीय आयू में निधन हो गया था. जिसके उपरांत आज सुबह स्थानिय हार्वे सभापती कंपाउड स्थित शर्मा परिवार के निवास स्थान से पं. देवदत्तजी शर्मा की अंतिम यात्रा निकाली गई. तथा बेहद शोकाकूल माहोल के बीच आर्यसमाजी वैदिक विधानों के साथ स्थानिय हिंदुस्मशान भूमि में उनके पार्थिव पर अंतिम संस्कार किए गए. अंतिम यात्रा व अंतिम संस्कार में समाज के विभिन्न क्षेत्रों व वर्गो से वास्ता रखनेवाले अनेकों गणमान्यों की उपस्थिति रही. जिन्होंने साश्रु नयनों के साथ पं. देवदत्तजी शर्मा को अंतिम विदाई दी.
बता दे कि, आर्यसमाजी विचारों सहित वैदिक परंपराओं के प्रचार-प्रसार के लिए आजीवन पूरे निष्ठाभाव के साथ समर्पित रहे पं. देवदत्तजी शर्मा अपने वैदिक ज्ञान तथा सनातनी संस्कार व सभ्यता के संवर्धन संबधित कामोें के लिए हमेशा ही विख्यात रहे है. अपनी सांस्कृतनिष्ठ हिंदी में दिए जानेवाले व्याख्यानों के जरिए खुद को एक प्रखर व ओजस्वी वक्ता के तौर पर स्थापित करने के साथ ही पं. देवदत्तजी शर्मा ने रामजन्म भूमि न्यास के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंददेव गिरीजी महाराज सहित आचार्य वागीशजी व आचार्य नीरजजी शास्त्री जैसे प्रेरक वक्ताओं के उद्बोधनों का लाभ भी अमरावतीवासियों को दिलाया. इसके अलावा उनका राजस्थानी हितकारक मंडल, गौरक्षण संस्था, ब्रिजलाल बियाणी शिक्षा संस्था व हिंदु स्मशान संस्था सहित शहर की कई धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं के साथ गहरा नाता रहा. जिसके चलते उनके निधन का समाचार प्राप्त होते ही गतरोज दोपहर से उनके निवासस्थान पर शोकाकुलों का ताता लगना शुरू हो गया था.
वही आज सुबह करीब 11 बजे के आसपास पं. देवदत्तजी शर्मा के हार्वे कंपाउड स्थित निवासस्थान से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई. तथा हिंदु मोक्षधाम आर्य समाजी विधान के साथ उनके पार्थिव का दाहसंस्कार किया गया. इस समय उनके भतिजे एड. यज्ञेश शर्मा ने उनकी चिता को मुखाअग्नी दी. इस समय पं. देवदत्त शर्मा के भाई पं.ब्रम्हदत्त व पं. सोमदत्त शर्मा व भतिजे निधिश शर्मा तथा शर्मा परिवार के सदस्यों सहित समाज के विभिन्न वर्गो से वास्ता रखनेवाले गणमान्यों की उपस्थिति रही. जिनमें पूर्व मंत्री जगदिश गुप्ता, मनपा के नेता प्रतिपक्ष व पूर्व महापौर विलास इंगोले, कांग्रेस के शहराध्यक्ष व मनपा पार्षद बबलु शेखावत, राजस्थानी हितकारक मंडल के अध्यक्ष व अमरावती मंडल के संपादक अनिल अग्रवाल, गौरक्षण संस्थान व हिंदु मोक्षधाम के अध्यक्ष एड. आर.बी. अटल, वरिष्ठ चिकित्सक व गौरक्षक डॉ. हेमंत मुरके, मनपा पार्षद दिनेश बुब, रक्तदान समिति के श्याम शर्मा, रोटरी क्लब के पूर्व प्रांतपाल किशोर केडिया, ब्रिजलाल बियाणी शिक्षा संस्था के अध्यक्ष ओमप्रकाश लढ्ढा सहित बियाणी शिक्षा संस्था, हिंदु मोक्षधाम, गौरक्षण, राजस्थानी हितकारक मंडल एवं महेश सेवा समिति के अलावा विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक व धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारियों का समावेश रहा. जिन्होंने सजल नेत्रों के साथ पं. देवदत्त शर्मा को अंतिम विदाई दी. इसके साथ ही अमरावती शहर सहित जिले में विद्वता एक अध्याय समाप्त हो गया.





