उद्धव ठाकरे कर रहे हैं रामरक्षा का स्वांग

राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने कहा

अमरावती/दि.6– अयोध्या राम मंदिर के कथित चंदा चोरी मामले में उद्धव ठाकरे ने छलांग लगाई है. रामरक्षा आंदोलन का ऐलान किया है. इस पर भाजपा के सांसद डॉ. अनिल बोंडे ने कटाक्ष करते हुए कहा कि, उद्धव ठाकरे रामरक्षा का स्वांग कर रहे है. डॉ. बोंडे ने अपने अंदाज में कहा कि, शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व के विचारों का त्याग कर उद्धव ठाकरे कुर्सी के लिए कांग्रेस की गोद में जा बैठे है. 10 जनपथ सोनिया गांधी के इशारों पर काम करते हुए हिंदुत्व विचारधारा भूल गए है. यहां तक की उन्हें हनुमान चालिसा की एलर्जी थी.
उनके घर के सामने हनुमान चालिसा का पठन करने पर उन्होंने नवनीत राणा को जेल में बंद कर दिया था. आज सबकुछ लुटाने के बाद उन्हें राम याद आ रहे है. राम मंदिर में हुई चोरी के मामले में दोषियों को कडी सजा मिलेगी, मोदी सरकार सक्षम है. उद्धव ठाकरे को उसकी चिंता करने की जरुरत नहीं. आज चारों ओर से उबाठा कमजोर हो चुकी है. रोज सांसद व विधायक साथ छोडकर जा रहे है. कुछ दिन पार्टी में केवल संजय राऊत, आदित्य व उद्धव ठाकरे ही शेष बचेंगे. अगर वे रामरक्षा का पाठ कर रहे है, तो अच्छी बात है. ईश्वर उन्हें जरुर सद्बुद्धी देगा.

* हे राम… कहने की नौबत
उबाठा को सही मायने में हे राम… कहने की नौबत आई है. आज कई साल बाद उन्हें श्रीराम की याद आ रही है. राजनीतिक दृष्टि से वे खत्म हो चुके है. अपने अस्तित्व के लिए राम को याद किया जा रहा. मस्जिद में आनेवाली रकम का लव-जिहाद, दंगा और जमीन जिहाद के लिए इस्तेमाल होता है. उद्धव ने इस संदर्भ में आज तक एक शब्द तक नहीं बोला. बेवजह वह धर्म को बदनाम करने की कोशिश कर रहे है.

* देर से ही सही, अच्छी बुद्धी आई है
राजस्व मंत्री एवं नागपुर-अमरावती के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा रामरक्षा पाठ आंदोलन को लेकर अपनाए गए रुख पर तिखी टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि, उद्धव ठाकरे को देर से ही सही, अच्छी बुद्धी आई है. लेकिन उनकी यह भूमिका केवल राजनीतिक लाभ हासिल करने के उद्देश्य प्रेरित दिखाई देती है. पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजस्व मंत्री बावनकुले ने कहा कि, भगवान श्रीराम और रामरक्षा पाठ का विषय आस्था से जुडा है. इसे राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि, अयोध्या में श्रीराम मंदिर के लोकार्पण के समय पूरा महाराष्ट्र उद्धव ठाकरे के वहां जाने की प्रतीक्षा कर रहा था. लेकिन उन्होंने अयोध्या जाने से परहेज किया. कांग्रेस के साथ गठबंधन और वोट बैंक की राजनीति के कारण उन्होंने हिंदुत्व की मूल भूमिका से दूरी बनाई थी.

* कांग्रेस ने प्रभु श्रीराम को कहा था काल्पनिक
सांसद डॉ. बोंडे ने याद दिलाया कि, प्रभु श्रीरामचंद्र और राम सेतु को कांग्रेस ने काल्पनिक कहा था. मियां संजय राउत ने उद्धव को कांग्रेस की गोद में जाकर बिठाया. कारसेवकों ने राम मंदिर के लिए बलिदान दिया. उन कारसेवकों की शहादत को संजय राउत नकार रहे है. अब उनके पास कुछ बचा नहीं है.

 

Back to top button