टैक्स तो लेती है मनपा, सुविधाएं शून्य
इतवारा बाजार की बदहाली पर सवाल

* सड़क, सफाई और नालियों की व्यवस्था न होने से व्यापारियों और नागरिकों में आक्रोश
अमरावती/दि.7- अमरावती शहर के दिल कहे जाने वाले इतवारा बाजार की बदतर स्थिति को लेकर व्यापारियों और नागरिकों ने मनपा पर गंभीर सवाल उठाए हैं. शहर की 80% दैनिक खरीद-बिक्री इसी बाजार से होती है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के नाम पर यहां कुछ भी नहीं है. मनपा आयुक्त को भेजे गए एक पत्र में मांग की गई है कि इतवारा बाजार में सड़क, सफाई और नालियों की तत्काल व्यवस्था की जाए.
शहर का सबसे बड़ा बाजार, पर हाल बेहाल इतवारा बाजार अमरावती मनपा क्षेत्र का एकमात्र ऐसा केंद्र है जहां अनाज, सब्जी, फल-फ्रूट, नाश्ता-होटल, चाय-ठेले, मटन- मछली और चिल्लर बाजार सहित जीवन उपयोगी सभी आवश्यक वस्तुएं मिलती हैं. नगरपालिका के गठन से लेकर आज मनपा बनने तक शहरवासियों की दैनिक जरूरतों की खरीद-बिक्री यहीं से होती आ रही है. लेकिन मनपा अधिनियम के अनुसार जीवन उपयोगी खाद्य वस्तुओं के बाजार में शासन की ओर से आज तक कोई सुव्यवस्था नहीं की गई है. टैक्स वसूली पूरी, सुविधा के नाम पर जीरो, व्यापारियों का आरोप है कि मनपा उनसे शॉप एक्ट लाइसेंस से लेकर दुकानों का टैक्स नियमित रूप से वसूलती है और व्यापारियों को मनपा के नियमों का पालन करने के लिए बाध्य किया जाता है. लेकिन बदले में मनपा ने व्यापारियों और नागरिकों को कोई सुविधा नहीं दी.
पत्र में लिखा है कि नगरपालिका से लेकर वर्तमान मनपा के कार्यकाल तक आज तक प्रत्येक गली में स्ट्रीट लाइट, गंदगी निकासी और पानी निकासी के लिए नालियों की कोई व्यवस्था नहीं है. स्वास्थ्य के लिए खतरा नालियों और सफाई की व्यवस्था न होने के कारण गंदगी जमा हो रही है, जिससे इतवारा बाजार में आने वाले हजारों नागरिकों और व्यापारियों के स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो गया है. ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि व्यापारी वर्ग से टैक्स के रूप में जो राजस्व मनपा को मिलता है, उसके अनुपात में नागरिकों के स्वास्थ्य और व्यापारियों की सुव्यवस्था करना मनपा का नियम और दायित्व है. व्यापारियों और नागरिकों ने मनपा आयुक्त से मांग की है कि इतवारा बाजार की बुनियादी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाए ताकि शहर के इस सबसे बड़े बाजार को स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाया जा सके.





