पश्चिम महाराष्ट्र और कोंकण में झमाझम बारिश
विदर्भ- मराठवाड़ा में अब भी इंतजार, किसान चिंतित

छत्रपति संभाजीनगर/दि.7- महाराष्ट्र में मानसून का असर फिलहाल असमान दिखाई दे रहा है. जहां पश्चिम महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में लगातार तेज बारिश हो रही है, वहीं मराठवाड़ा, विदर्भ और खान्देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की रफ्तार धीमी बनी हुई है. पर्याप्त वर्षा नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है और वे अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं.
छत्रपति संभाजीनगर जिले के सात तहसीलों के 12 मंडलों के करीब 240 गांवों में सोमवार सुबह तक अच्छी बारिश दर्ज की गई. सोयगांव तहसील के जरांडी मंडल में सबसे अधिक 150 मिमी वर्षा हुई. इसके अलावा कचनेर में 80 मिमी, शेकटा में 85 मिमी, आडूल में 98 मिमी, बालानगर में 78 मिमी, हर्सूल व लासूरगांव में 65-65 मिमी, सिल्लोड शहर में 66 मिमी, भराडी में 84 मिमी, बोरगांव और बनोटी में 69-69 मिमी तथा फुलंब्री में 88 मिमी बारिश दर्ज की गई. इस मानसून में जिले के 12 मंडलों में पहली बार अतिवृष्टि की स्थिति बनी है.
* नागपुर में बादल आए, लेकिन बरसे नहीं
नागपुर में सोमवार को दिनभर बादल छाए रहे. दोपहर में अजनी क्षेत्र में काले बादल मंडराए और तेज बारिश की उम्मीद जगी, लेकिन बादल बिना बरसे ही आगे बढ़ गए. उमस से परेशान लोग अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं.
* पश्चिम विदर्भ में खेती पर असर
अकोला, बुलढाणा और वाशिम जिलों में अभी तक संतोषजनक बारिश नहीं हुई है. सोमवार सुबह तक के पिछले 24 घंटों में अकोला में औसतन 1.4 मिमी, बुलढाणा में 1.9 मिमी और वाशिम में 6.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई. पर्याप्त बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो रही है और किसानों की चिंता बढ़ती जा रही है.
* गढ़चिरोली में हल्की से मध्यम बारिश
गढ़चिरोली जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान औसतन 12.1 मिमी बारिश हुई. कोरची तहसील में सर्वाधिक 38.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि सिरोंचा तहसील में एक भी मिमी बारिश नहीं हुई. जिले में अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो रही है और किसान तेज वर्षा की प्रतीक्षा कर रहे हैं. चामोर्शी तहसील के चिचडोह बैराज के 38 में से 29 गेट खोले गए हैं, जबकि सिरोंचा स्थित मेडिगड्डा बैराज के सभी 85 गेट खुले हैं और वहां से 1,775 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है.





