72 वर्षीय नर्मदा दादी आखिरकार अपने परिवार से मिली
अमरावती मनपा और पब्लिक एज्युकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी के प्रयास से मिली सफलता

अमरावती/दि.10- अमरावती मनपा एवं पब्लिक एज्युकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी द्वारा संचालित एक हाथ मदद का अभियान के तहत 72 वर्षीय नर्मदा दादी को आखिरकार उनके परिवार से मिलाने में सफलता मिली. लगभग तीन सप्ताह तक चले अथक प्रयासों के बाद उन्हें सकुशल उनके बेटे के सुपुर्द कर दिया गया.
जानकारी के अनुसार, 16 जून 2026 की रात करीब साढ़े आठ बजे मूसलाधार बारिश के दौरान महादेव खोरी स्थित नए बायपास पुल के नीचे एक वृद्ध महिला बेसुध अवस्था में पड़ी मिली थीं. बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता प्रसन्न गायकवाड़ ने इसकी सूचना आधार केंद्र के संचालक राजीव (राजू) बसवनाथे को दी. सूचना मिलते ही टीम ने वृद्धा को आधार केंद्र में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज कराया गया. उस समय उन्हें तेज बुखार था और वे बोलने की स्थिति में नहीं थी. करीब 15 दिन बाद स्वास्थ्य में सुधार होने पर वृद्धा ने अपने पास रखा आधार कार्ड दिखाया, जिसमें पता बड़ी उमरी, अकोला दर्ज था. आधार केंद्र की टीम वहां पहुंची, लेकिन काफी खोजबीन के बावजूद उनका परिवार नहीं मिला. कुछ दिन बाद वृद्धा ने लिंबोणी नगर, फ्रेजरपुरा का नाम लिया. इसके आधार पर टीम ने फ्रेजरपुरा के पास स्थित निंबोली नगर क्षेत्र में तलाश शुरू की. गुरुवार देर रात सामाजिक कार्यकर्ता आनंद सरोदे ने जानकारी दी कि यह वृद्ध महिला उनके पड़ोस में रहती हैं. इसके बाद टीम ने परिवार से संपर्क किया. जांच में पता चला कि नर्मदा दादी का एक बेटा है और वह पिछले महीने बिना किसी को बताए घर से निकल गई थीं. हालांकि परिवार ने उनकी गुमशुदगी की सूचना पुलिस को नहीं दी थी.
आधार केंद्र ने वृद्धा के बेटे और बहू को बुलाकर उनका काउंसलिंग किया. उन्हें वरिष्ठ नागरिकों के प्रति जिम्मेदारी और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई. साथ ही उनसे लिखित आश्वासन लिया गया कि भविष्य में वे नर्मदा दादी को घर से बाहर नहीं निकालेंगे और उनकी उचित देखभाल करेंगे. इसके बाद नर्मदा दादी को उनके परिवार के सुपुर्द कर दिया गया. इस मानवीय कार्य में अमरावती महानगरपालिका के उपायुक्त योगेश पीठे तथा विशेष कार्यकारी अधिकारी धनंजय शिंदे के मार्गदर्शन में आधार केंद्र के संचालक राजू बसवनाथे, व्यवस्थापिका ज्योति राठोड़, तथा रोहित घोंगडे, किशोर मरकाम और विलास थोरात ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस सराहनीय प्रयास की शहरभर में प्रशंसा की जा रही है.





