लिंडाऊ नोबेल लॉरिएट परिषद के लिए शहर की डॉ. वर्षा बर्डे का चयन

अमरावती/दि.11- दर्यापुर तहसील के माहुली धांडे स्थित किसान देवीदास बर्डे की सुपुत्री तथा सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश बर्डे की भतीजी न्यूरोसायंटिस्ट डॉ. वर्षा बर्डे का विश्व में सबसे बडी प्रतिष्ठित वैज्ञानिक परिषद में से एक 75 वीं लिंडाऊ नोबेल लॉरिएट परिषद के लिए चयन किया गया. यह परिषद 28 जून से 3 जुलाई के बीच जर्मनी में संपन्न हुई.
इस परिषद में 70 से अधिक विश्वभर के नोबेल पुरस्कार विजेता तथा विविध देशों से 600 युवा संशोधकों ने सहभाग लिया. संशोधन क्षेत्र के नए वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार विजेताओं से प्रत्यक्ष रुप से संवाद साधने का व उनसे मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर प्राप्त हुआ. डॉ. वर्षा बर्डे का नामांकन हेममोल्टंस असोसिएशन ऑफ जर्मन रिसर्च सेंटर द्वारा किया गया था. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयन प्रक्रिया के बाद वैज्ञानिक समिति द्वारा उनका चयन किया गया.
डॉ. वर्षा बर्डे ने बताया कि, ‘लिंडाऊ’ यह एक ऐसी जगह है, जहां विज्ञान देश की सीमा को पार कर लोगों को एकत्रित लाता है. इस परिषद की वजह से विश्वस्तर के संशोधकों से संवाद साधने और अत्याधुनिक संशोधन की जानकारी मिलने का अवसर मुझे मिला. फिलहाल वे टू ड्रेसडेन में पोस्टडॉक्टरल संशोधक के तौर पर कार्यरत है. उनका संशोधन मानवीय मेंदू की कार्यक्षमता, सिखाने की प्रक्रिया, मेंदू बदलने की क्षमता (ब्रेन प्लॅस्टिसिटी), मानसिक आरोग्य, स्मृतिभ्रंश (डिमेन्शिया) और प्रिसिजन मेडिसीन इस विषय पर केंद्रीत है. डॉ. वर्षा बर्डे की इस उल्लेखनीय सफलता पर अमरावती जिले सहित संपूर्ण महाराष्ट्र के शैक्षणिक और वैज्ञानिक क्षेत्र में गौरव किया जा रहा है और उनका अभिनंदन किया जा रहा है.

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