ड्राइविंग लाइसेंस के लिए डोमिसाइल प्रमाणपत्र अनिवार्य होने की तैयारी
1 अगस्त से लागू हो सकते हैं नए नियम

* 15 वर्ष के महाराष्ट्र निवास का प्रमाण देना होगा
* फर्जी पते पर लाइसेंस बनाने पर लगेगी रोक
अमरावती/दि.18– महाराष्ट्र में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. प्रस्तावित नए नियमों के अनुसार 1 अगस्त से ड्राइविंग लाइसेंस के लिए महाराष्ट्र का डोमिसाइल (अधिवास) प्रमाणपत्र अनिवार्य किया जा सकता है. इसके साथ ही बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए भी नए नियम लागू किए जाने की तैयारी है.
डोमिसाइल प्रमाणपत्र किसी व्यक्ति के महाराष्ट्र का स्थायी निवासी होने का आधिकारिक प्रमाण होता है. इसके लिए आवेदक को यह साबित करना होगा कि वह पिछले 15 वर्ष या उससे अधिक समय से महाराष्ट्र में निवास कर रहा है. इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में केवल पात्र निवासियों को ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाएं. डोमिसाइल प्रमाणपत्र के लिए नागरिक ‘आपले सरकार’ पोर्टल या निकटतम महा-ई-सेवा केंद्र/सेतु केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के साथ आयु प्रमाण (टीसी या बोनाफाइड), निवास प्रमाण (राशन कार्ड, बिजली बिल आदि), 15 वर्ष के निवास का प्रमाण तथा स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे. सरकार के अनुसार, पिछले कुछ समय से ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि दूसरे राज्यों के लोग फर्जी पते के आधार पर महाराष्ट्र से ड्राइविंग लाइसेंस बनवा रहे थे. इसी पर रोक लगाने, लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए यह बदलाव प्रस्तावित किया गया है.
आरटीओ अधिकारी उर्मिला पवार ने बताया कि यदि प्रस्तावित नियम 1 अगस्त से लागू होते हैं, तो आवेदकों को पहले से ही आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने चाहिए. उन्होंने कहा कि जिन लोगों का अपना मकान नहीं है और वे किराये के घर में रहते हैं, वे भी वैध किरायानामा (लीज एग्रीमेंट) तथा संबंधित सरकारी दस्तावेजों के आधार पर 15 वर्ष के निवास का प्रमाण प्रस्तुत कर डोमिसाइल प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं.