जर्मनी में मृत छात्र का शव 17 दिन बाद वतन पहुंचा
विधायक राजेश बकाने और मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से पूरी हुई प्रक्रिया

वर्धा /दि.21- जर्मनी में पढ़ाई के दौरान हादसे में जान गंवाने वाले वर्धा जिले के दहेगांव धांदे निवासी श्रेयस विश्वास चिकटे का पार्थिव शरीर 17 दिन बाद भारत लाया गया. प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए विधायक राजेश बकाने और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हस्तक्षेप के बाद परिवार को बड़ी राहत मिली.
जानकारी के अनुसार, श्रेयस उच्च शिक्षा के लिए जर्मनी गया था. 28 जून को वह अपने दोस्तों के साथ एक झील में नहाने गया था, जहां डूबने से उसकी मौत हो गई. पिता का पहले ही निधन हो चुका था और श्रेयस अपनी मां का इकलौता सहारा था. बेटे की मौत की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया. विदेश में हुई मृत्यु के बाद पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया जटिल होने के कारण परिवार को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. इस दौरान श्रेयस के मामा ने विधायक राजेश बकाने से संपर्क कर मदद की गुहार लगाई.
बताया जाता है कि, महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विधायक बकाने ने तत्काल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पूरे मामले से अवगत कराया. मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन सक्रिय हुआ. मुख्यमंत्री के उप सचिव अमोल पाटणकर ने भारतीय दूतावास से समन्वय स्थापित कर आवश्यक प्रक्रिया में तेजी लाई, जबकि राजशिष्टाचार सचिव राजेश गव्हांदे ने लगातार समन्वय कर सभी औपचारिकताएं पूरी कराईं. लगातार प्रयासों के बाद 17 दिन पश्चात श्रेयस का पार्थिव शरीर भारत लाया गया, जिससे उसकी मां को अपने इकलौते बेटे के अंतिम दर्शन का अवसर मिल सका. बाद में पूरे सम्मान के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया. श्रेयस की मौत और उसके पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने की लंबी प्रक्रिया ने एक बार फिर विदेश में रहने वाले भारतीय छात्रों और उनके परिवारों के सामने आने वाली कठिनाइयों को उजागर किया है.





