होटल में खाना खाने से पहले जांच लें उसकी हाइजीन रेटिंग
एफडीए ने सख्ती बढ़ाई

* 22 होटलों की जांच, 4 के लाइसेंस निलंबित
* स्वच्छता नियमों का पालन नहीं करने पर होगी कड़ी कार्रवाई
अमरावती/दि.22– यदि आप होटल, रेस्टोरेंट या ढाबे में भोजन करने जा रहे हैं, तो पहले वहां की हाइजीन रेटिंग और खाद्य सुरक्षा मानकों की जानकारी जरूर लें. खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सभी खाद्य प्रतिष्ठानों के लिए सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर लागू किए हैं. इसके तहत प्रत्येक होटल और रेस्टोरेंट के बाहर हाइजीन रेटिंग प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है. हालांकि शहर में अधिकांश होटल इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं.
* 22 होटलों की जांच, 4 के लाइसेंस निलंबित
एफडीए ने हाल ही में शहर के 22 होटलों का निरीक्षण किया. जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन और स्वच्छता में लापरवाही पाए जाने पर 4 होटलों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए. अधिकारियों ने कई स्थानों से खराब गुणवत्ता का तेल, डेयरी उत्पाद और एक्सपायरी खाद्य सामग्री भी जब्त की.
* होटल के बाहर हाइजीन रेटिंग बोर्ड अनिवार्य
एफडीए के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक होटल और रेस्टोरेंट को अपनी हाइजीन रेटिंग का इमोजी बोर्ड प्रवेश द्वार पर लगाना अनिवार्य है, ताकि ग्राहक साफ-सफाई का स्तर देखकर ही भोजन करने का निर्णय ले सकें. लेकिन शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक किसी भी होटल में ऐसा बोर्ड नहीं दिखाई दिया है.
* किचन के लिए तय किए गए नियम
एफडीए के अनुसार होटल का रसोईघर पूरी तरह साफ-सुथरा, कीट-मुक्त और स्वच्छ होना चाहिए. भोजन तैयार करने में केवल मान्यता प्राप्त ब्रांडों का कच्चा माल और शुद्ध खाद्य तेल इस्तेमाल किया जाए. एक बार उपयोग किए गए तेल का दोबारा इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है.
* कर्मचारियों के लिए भी सख्त निर्देश
रसोई में काम करने वाले प्रत्येक कर्मचारी का वर्ष में कम से कम एक बार मेडिकल परीक्षण कराना अनिवार्य है. काम के दौरान कर्मचारियों को टोपी, दस्ताने और साफ एप्रन पहनना होगा. होटल परिसर में तंबाकू और गुटखा का सेवन भी पूरी तरह प्रतिबंधित है.
* नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना
एफडीए अधिकारी किसी भी समय होटल, रेस्टोरेंट या ढाबों का निरीक्षण कर सकते हैं. यदि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान पर 25 हजार रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबित या रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है. खाद्य सुरक्षा अधिकारी गजानन गोरे ने बताया कि मिलावटी और अस्वच्छ भोजन परोसने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.





