सजावट के लिए प्लास्टिक के फूल इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे, 25 हजार तक जुर्माना

अमरावती/दि.9- गणेशोत्सव को लेकर शहर के बाजार सज गए हैं. विभिन्न प्रकार के फूल, मालाएं, हार और आकर्षक सजावटी सामग्री दुकानों पर उपलब्ध है. हालांकि, इस दौरान प्रतिबंधित प्लास्टिक से बने कृत्रिम फूल और अन्य गैर-बायोडिग्रेडेबल सजावटी सामग्री की बिक्री भी बड़े पैमाने पर होने की बात सामने आ रही है. पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली ऐसी सामग्री पर प्रतिबंध होने के बावजूद बाजार में इनकी बिक्री जारी है.
अब प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. नियमों का उल्लंघन करने पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. प्रशासन ने नागरिकों से भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबंधित सामग्री खरीदने और इस्तेमाल करने से बचने की अपील की है.
* गणेशोत्सव के लिए बाजार तैयार
गणेशोत्सव के मद्देनजर बाजारों में अलग-अलग रंगों के फूल, मालाएं, हार और तरह-तरह की सजावटी वस्तुएं उपलब्ध हैं. कम कीमत और आकर्षक रूप के कारण प्लास्टिक के कृत्रिम फूलों की मांग भी देखी जा रही है. हालांकि, पर्यावरण की दृष्टि से इनका इस्तेमाल नुकसानदायक है.
* प्लास्टिक के फूल और थर्मोकोल पर रोक
गैर-बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक से बने फूलों की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध है. इसके अलावा 50 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक के इस्तेमाल पर भी रोक है. गणेशोत्सव की सजावट में प्लास्टिक के नकली फूल, झालर, जाली और थर्मोकोल जैसी प्रतिबंधित सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता.
* इस्तेमाल करने वालों पर भी कार्रवाई
प्रतिबंधित सामग्री केवल बेचने वालों के खिलाफ ही नहीं, बल्कि इसका इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है. इसलिए घरों और गणेश मंडलों में सजावट करते समय पर्यावरणपूरक सामग्री का इस्तेमाल करने की अपील की गई है.

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