खेतों में काम करने वाली महिलाओं को मिला ‘किसान’ का दर्जा
सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ

* महाराष्ट्र महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक पारित
* प्रमाणपत्र और पहचान पत्र भी दिए जाएंगे
अमरावती/दि.22- महाराष्ट्र विधानसभा में ‘महाराष्ट्र महिला किसान सशक्तिकरण विधेयक’ पारित होने के बाद खेती और कृषि से जुड़े कार्यों में लगी महिलाओं के लिए बड़ी राहत मिली है. नए कानून के तहत अब खेतों में काम करने वाली महिलाओं को, भले ही उनके नाम पर कृषि भूमि न हो, ‘महिला किसान’ का दर्जा दिया जाएगा. इसके साथ ही उन्हें महिला किसान प्रमाणपत्र और पहचान पत्र भी जारी किए जाएंगे, जिससे वे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगी.
* इन महिलाओं को मिलेगा लाभ
विधेयक के अनुसार, फसल उत्पादन, पशुपालन, डेयरी, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, कृषि वानिकी (एग्रोफॉरेस्ट्री), वर्मीकम्पोस्ट निर्माण, मशरूम उत्पादन और प्राथमिक कृषि प्रसंस्करण जैसे कार्यों में मालिक या मजदूर के रूप में काम करने वाली सभी महिलाएं इस योजना के लिए पात्र होंगी.
* भूमि नहीं होने पर भी मिलेगी पहचान
नई व्यवस्था के तहत यदि किसी महिला के नाम पर कृषि भूमि या 7/12 (सातबारा) रिकॉर्ड नहीं है, तब भी उसे महिला किसान के रूप में मान्यता दी जाएगी. इससे खेतिहर मजदूर और कृषि कार्य में सक्रिय लाखों महिलाओं को पहली बार आधिकारिक पहचान मिलेगी.
* ग्राम पंचायत से मिलेगा प्रमाणपत्र
महिला किसान प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए पात्र महिलाएं ग्राम सभा, ग्राम पंचायत या नगर पंचायत के माध्यम से आवेदन कर सकेंगी. सरकार की विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
* योजनाओं, कर्ज और बीमा का मिलेगा लाभ
प्रमाणपत्र मिलने के बाद महिला किसानों को कृषि ऋण, फसल बीमा, कृषि विस्तार सेवाएं, आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा.
* जिले की लाखों महिलाओं को होगा फायदा
कृषि विभाग के अनुसार, इस कानून से अमरावती जिले की करीब पांच लाख महिला किसान और खेतिहर मजदूर लाभान्वित हो सकती हैं. डिजिटल पंजीकरण के बाद लाभार्थियों की वास्तविक संख्या स्पष्ट होगी. कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विधेयक को विधानसभा की मंजूरी मिल चुकी है. अब राज्य सरकार की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश जारी होने के बाद इसे प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा.