जंतर-मंतर घटना के विरोध में ‘प्रहार’ का जिलाधिकारी कार्यालय पर लोटांगन आंदोलन

छात्रों पर कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग

अमरावती /दि.22- दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के विरोध में प्रहार सामाजिक संगठन ने अमरावती के जिलाधिकारी कार्यालय पर लोटांगन आंदोलन कर अपना विरोध दर्ज कराया. आंदोलन के बाद संगठन ने जिलाधिकारी के माध्यम से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.
ज्ञापन में संगठन ने कहा कि 20 जुलाई को अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है. संगठन का कहना है कि छात्रों को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का संवैधानिक अधिकार है और उनकी आवाज दबाने के लिए बल प्रयोग करना अनुचित है. प्रहार सामाजिक संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से चार प्रमुख मांगें रखीं. इनमें जंतर-मंतर की घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच, कथित रूप से जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार की रक्षा तथा घायल छात्रों को तत्काल चिकित्सा सुविधा और उचित मुआवजा देने की मांग शामिल है.
आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर लाठियां मत चलाओ, उन्हें इंसाफ दो जैसे नारे लगाते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. प्रहार सामाजिक संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन भविष्य में और व्यापक आंदोलन करेगा. साथ ही जिला प्रशासन से अनुरोध किया गया कि ज्ञापन तत्काल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को कार्रवाई के लिए भेजा जाए. प्रहार संगठन के जिलाध्यक्ष छोटू महाराज वसू, अमरावती महानगर प्रमुख बंटी रामटेके, प्रवक्ता जीतू दुधाने, संपर्क प्रमुख गोलू पाटिल, हॉकर्स यूनियन के शहर प्रमुख गणेश मारोडकर, जिला महासचिव शेख अकबर भाई, संगठक प्रमुख श्याम इंगले, युवक आघाडी के शहराध्यक्ष प्रशांत देशमुख, दिनेश कुर्‍हेकर, नीलेश पानसे, नीलेश लांगोटे, विक्रम शेगोकार, प्रशांत शिरभाते, इमरान भाई, विक्रम जाधव, शेषराव धुले, अजय तायडे, समीप तायडे, आकाश गजभिये, समर्थ डवरे, ऋषिकेश ठवकर, शुभम भेंडे, अनिल रामटेके, बबलू शहा, इमरान शहा, नितिन शिरभाते, चेतन बरडे, कुणाल खंडारे, विशाल आगारे आदि सहित अन्य इस आंदोलन में शामिल हुए.

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