दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में अमरावती में कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन
पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना

* राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
अमरावती /दि.27- दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुए कथित पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में अमरावती जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) ने इर्विन चौक पर धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा.
धरने में सांसद बलवंतराव वानखड़े, जिला कांग्रेस अध्यक्ष बबलू देशमुख तथा पूर्व विधायक वीरेंद्र जगताप प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि देश में बार-बार हो रहे पेपर लीक से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है, लेकिन केंद्र सरकार इस मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय विरोध करने वाले छात्रों पर दमनात्मक रवैया अपना रही है. वक्ताओं ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए, पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद किया जाए. उन्होंने छात्र हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस के आंदोलन को आगे भी जारी रखने की बात कही. धरना-प्रदर्शन में महाविकास आघाड़ी के सैकड़ों पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए. प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर छात्रों को न्याय दिलाने और पेपर लीक प्रकरणों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देशभर के छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और विपक्ष द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से चलाए गए संघर्ष की जीत है. जंतर-मंतर से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों तक हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन, संसद में लगातार उठाई गई आवाज़ और कांग्रेस पार्टी द्वारा चलाए गए जनआंदोलनों के कारण केंद्र सरकार को आखिरकार यह फैसला लेना पड़ा. कांग्रेस पार्टी ने संसद के भीतर लगातार इस मुद्दे को उठाया, सड़कों पर उतरकर आंदोलन किया और ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के माध्यम से छात्रों की न्यायसंगत मांगों को राष्ट्रीय स्तर पर बुलंद किया. इसी संयुक्त जनदबाव के कारण सरकार को यह निर्णय लेना पड़ा.
हालांकि, यह संघर्ष यहीं समाप्त नहीं होगा. केवल शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं हो जाएगा. नीट-यूजी परीक्षा में हुई अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. देश की शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, विश्वसनीयता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए व्यापक शैक्षणिक सुधार तत्काल लागू किए जाएं. साथ ही, नीट-यूजी प्रकरण पर संसद में विस्तृत चर्चा कर छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर ठोस निर्णय लिए जाएं. नीट-यूजी मामले में न्याय के लिए संघर्ष करने वाले प्रत्येक छात्र, अभिभावक, आंदोलनकारी और इस लड़ाई को मजबूत करने वाले हर नागरिक को हार्दिक बधाई. कांग्रेस पार्टी छात्रों के भविष्य और न्याय की लड़ाई तब तक जारी रखेगी, जब तक उन्हें पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता.
इस आंदोलन में सांसद बलवंत वानखडे, जिल्हाध्यक्ष बबलू देशमुख और पूर्व विधायक वीरेंद्र जगताप की उपस्थिति में यह आंदोलन संपन्न हुआ. इस अवसर पर हरीभाऊ मोहोड, प्रकाश कालबांडे, रामेश्वर अभ्यंकर, प्रवीण मनोहर, श्रीकांतराव गावंडे, मुकद्दर खाँ पठाण, अरविंदराव लंगोटे, भैय्यासाहेब मेटकर, समीर पाटील, समाधान दहातोंडे, सुनील गावंडे, नितीन देशमुख, बाबूभाई इनामदार, पंकज वानखडे, संजय बेलोकर, प्रमोदराव दालू, अमोल होले, अमोल धवसे, श्रीनिवास सूर्यवंशी, नामदेवराव तनपुरे, श्रीकांतराव झोडपे, चंदू डहाणे, महेंद्रसिंह गेलवार, विलास बोरकार, विनोदराव चौधरी, अमोल चिमोटे, सुधीर पाटेकर, गौतम सोनोने, निखिल कोकाटे, अमोल बोरेकर, कैलास आवारे, श्रीकांत बोंडे, प्रदीप देशमुख, विदर्भकुमार बोबडे, शाम बेलसरे, सहदेव बेलकर, इब्राहिम खाँ, राहुल गवई, राहुल गाठे, सच्चिदानंद बेलसरे, गजानन देशमुख, पंकज नेहारे, मिर्झा जाहीर बेग, राहुल येवले, उत्कर्ष देशमुख, अनिकेत डेंगले, नितेश वानखडे, सागर देशमुख समेत महाविकास आघाडी के सैकडों पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे.





