सुपर स्पेशियलिटी में साढ़े चार वर्षीय बच्ची का सफल कॉक्लियर इम्प्लांट
सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की छठी सफल सर्जरी

अमरावती/दि.27- अमरावती के सुपर स्पेशालिटी अस्पताल में जन्म से सुनने में अक्षम साढ़े चार वर्षीय बच्ची का कॉक्लियर इम्प्लांट सफलतापूर्वक किया गया. यह सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग में कॉक्लियर इम्प्लांट की छठी सफल सर्जरी है, जिससे बच्ची के लिए सुनने की नई दुनिया के द्वार खुल गए हैं.
नवसारी निवासी इस बच्ची को जन्म से ही सुनने में परेशानी थी. जब वह दो वर्ष की हुई, तब परिजनों को उसकी समस्या का पता चला. शुरुआत में उसका उपचार पुणे और बाद में जिला सामान्य अस्पताल, अमरावती में कराया गया. निजी अस्पताल में ऑपरेशन का खर्च अधिक होने के कारण परिजन वहां इलाज नहीं करा सके. सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में पहले से पांच सफल कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी हो चुकी थीं, इसलिए बच्ची को यहां भर्ती कराया गया. सभी आवश्यक जांच और ऑडियोलॉजिस्ट लक्ष्मण मोरे की जांच के बाद 21 जून को अत्याधुनिक तकनीक की मदद से कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी सफलतापूर्वक की गई. चूंकि बच्ची की आयु चार वर्ष से अधिक थी, इसलिए वह किसी भी नियमित सरकारी योजना के दायरे में नहीं आती थी. ऐसे में ऑपरेशन का पूरा खर्च अमरावती जिला नियोजन समिति द्वारा उपलब्ध कराया गया. वहीं, ऑपरेशन के बाद एक वर्ष तक की स्पीच थेरेपी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी. इस प्रकार मरीज को ऑपरेशन और स्पीच थेरेपी दोनों का लाभ पूरी तरह निःशुल्क मिलेगा.
यह जटिल सर्जरी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमोल नरोटे के मार्गदर्शन में इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नागपुर के ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. जीवन वेदी, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. क्षितिज पाटिल, डॉ. रितेश शेलकर, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के विशेष कार्य अधिकारी एवं ईएनटी सर्जन डॉ. मंगेश मेंढे, ऑडियोलॉजिस्ट लक्ष्मण मोरे, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन बर्डिया, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. चेतन रोंधे, डॉ. रमणिका ढोमणे, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. शशांक दूरशेट्टीवार तथा चिकित्सकों, नर्सिंग और तकनीकी कर्मचारियों की टीम के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुई.





