एमपीएससी पेपर लीक
12 लाख रुपये में बिका प्रश्नपत्र?

* रोहित पवार का बड़ा दावा
मुंबई /दि.27- महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की औषध निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) भर्ती परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने दावा किया है कि इस परीक्षा का प्रश्नपत्र 12 लाख रुपये में बेचा गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें 5 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे, जबकि 7 लाख रुपये बाद में देने की बात तय हुई थी.
रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित पवार ने कथित पेपर लीक रैकेट पर विस्तृत प्रस्तुति देते हुए कहा कि यदि पैसे देकर भर्ती होने वाले उम्मीदवार अधिकारी बनेंगे तो वे ईमानदारी से काम नहीं कर पाएंगे और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा. रोहित पवार ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले का बार्शी से संबंध है. उन्होंने कहा कि परीक्षा का कट-ऑफ 105 अंक था, लेकिन 103 अंक पाने वाले एक अभ्यर्थी को भी इंटरव्यू के लिए बुलाया गया. उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसा किसके दबाव में किया गया?
रोहित पवार ने नंदुरबार के एक नायब तहसीलदार के दो बच्चों के परीक्षा परिणाम पर भी सवाल खड़े किए. उनके अनुसार, बेटे को 149 अंक और 13वीं रैंक, जबकि बेटी को 148 अंक और 16वीं रैंक मिली. उन्होंने पूछा कि दोनों को लगभग समान अंक और रैंक मिलना क्या महज संयोग है?
विधायक ने दावा किया कि 22 मार्च को हुई परीक्षा से दो दिन पहले यानी 20 मार्च को व्हाट्सएप के जरिए प्रश्न भेजे गए थे. इतना ही नहीं, अभ्यर्थियों को जानबूझकर 10 प्रश्न गलत हल करने की सलाह दी गई थी ताकि किसी को संदेह न हो. रोहित पवार ने कहा कि उनके पास संबंधित व्हाट्सएप चैट भी मौजूद है, जिसमें एक अभ्यर्थी ने 78 प्रश्न पहले से मिले होने और बाकी प्रश्न स्वयं हल करने की बात कही है. रोहित पवार ने कहा कि उन्हें एमपीएससी जैसी संस्था पर भरोसा है, लेकिन यदि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले ही भ्रष्टाचार में शामिल होंगे तो पूरी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे. उन्होंने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.





