बीएचएमएस डॉक्टरों को एमएमसी रजिस्ट्रेशन देने का विरोध
आईएमए ने दी कल से राज्यभर में सेवा बंद आंदोलन की धमकी

* अमरावती जिले के 1200 सभासद होंगे शामिल
मुंबई /दि.28- होमियोपैथी डॉक्टरों को महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल से रजिस्ट्रेशन देने के लिए चल रहे आंदोलन का विरोध करते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन महाराष्ट्र राज्य, मार्ड, एसमी, एमएसएन, जेडीएन और अन्य समविचार वाले मेडिकल संगठनों ने आज तीखा विरोध दर्ज कराया है. आईएमए महाराष्ट्र राज्य ने आज प्रेस विज्ञप्ति के जरिए सरकार को चेतावनी दी कि दबाव में आकर बीएचएमएस चिकित्सकों को एमएमसी रजिस्ट्रेशन देने का कोई प्रयास न किया जाए. ऐसा कोई भी कदम तर्कहीन, अवैज्ञानिक है और इसका सामाजिक स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ेगा.
* कल से सेवा बंद की चेतावनी
आईएमए के महाराष्ट्र राज्य के अध्यक्ष डॉ. संतोष कुलकर्णी, राज्य सचिव डॉ. विक्रांत देसाई और राज्य खजिनदार डॉ. अमोल गिट्टे ने बताया कि सरकार ने अगर ऐसा फैसला आगे बढ़ाया तो सभी संबद्ध संगठनों के डॉक्टर कल 29 जुलाई की सुबह से तुरंत सेवा बंद आंदोलन शुरू करेंगे. इसमें ओपीडी सेवा के साथ-साथ इमरजेंसी सेवाएं भी बंद रखी जाएंगी.
* रोगियों की सुरक्षा के लिए फैसला
यह निर्णय किसी भावना में आकर नहीं लिया गया है. विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह फैसला मरीजों की सुरक्षा, मेडिकल प्रोफेशन के प्रोफेशनल स्टैंडर्ड और विभिन्न चिकित्सा पद्धतियों के बीच का भेद मिटाकर योग्य एलोपैथिक मेडिकल सेवा के महत्व को कम करने वाले नीतिगत निर्णयों के दूरगामी परिणामों को लेकर गंभीर चिंता से लिया गया है. संगठनों ने महाराष्ट्र राज्य सरकार से ऐसी किसी भी कार्रवाई पर तुरंत पुनर्विचार करने की अपील की है. आंदोलन का विस्तृत कार्यक्रम और आगे की रणनीति जल्द घोषित की जाएगी.
अमरावती आईएमए पीआरओ डॉ. अक्षय चांदुरकर ने बताया कि, सरकार ने निर्णय नहीं रोका, तो आंदोलन होगा. अमरावती जिले के 1200 आईएमए सभासद आंदोलन में हिस्सा लेंगे. जिससे 600-700 अस्पतालों का कामकाज अर्थात मरीजों का उपचार प्रभावित होने की आशंका है.





