सहकार मंत्री के जिले में ही अवैध साहूकारों का जाल, सरकार को नहीं जानकारी?
अवैध साहूकारी और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की लूट पर बच्चू कडू का सरकार पर तीखा हमला

* कहा- किसानों की करोड़ों की जमीनें हड़पी गईं, अधिकारी पैसों के दबाव में
* परीक्षा घोटालों के खिलाफ अभिजीत दीपके के सीजेपी आंदोलन को भी दिया समर्थन
लातूर/मुंबई/दि.31- शिवसेना विधायक बच्चू कडू ने राज्य में बढ़ती अवैध साहूकारी और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की कथित मनमानी को लेकर महायुति सरकार पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों, किसानों और छोटे व्यापारियों का आर्थिक शोषण खुलेआम किया जा रहा है, लेकिन संबंधित विभाग और सरकार इस गंभीर समस्या से अनभिज्ञ बने हुए हैं. कडू ने यहां तक कहा कि सहकार मंत्री के अपने जिले में भी अवैध साहूकारी का जाल फैला हुआ है, फिर भी विभाग को इसकी जानकारी नहीं है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है.
एक निजी साहूकारी प्रकरण का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में विधायक बच्चू कडू ने कहा कि राज्य में अनेक किसान केवल जमानतदार बनने के कारण अपनी करोड़ों रुपये मूल्य की जमीनें गंवा चुके हैं. अवैध साहूकार और कुछ माइक्रो फाइनेंस कंपनियां गरीब लोगों को कर्ज के जाल में फंसाकर उनकी संपत्तियों पर कब्जा कर रही हैं.
* सहकार विभाग ने नहीं लिया कोई संज्ञान
विधायक बच्चू कडू ने सहकार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने विधान परिषद में अवैध साहूकारी और माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के माध्यम से हो रहे शोषण का मुद्दा उठाया था. इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने कहा, जब मैं राज्यमंत्री था, तब सदन में उठे मुद्दों पर तत्काल बैठक लेकर समीक्षा करता था. लेकिन आज स्थिति यह है कि विधायक लगातार सवाल उठा रहे हैं और संबंधित मंत्री कोई गंभीरता नहीं दिखा रहे. इससे स्पष्ट होता है कि कहीं न कहीं प्रशासनिक स्तर पर गंभीर लापरवाही हो रही है.
* किसानों की जमीनें वापस दिलाने का हिसाब कौन देगा?
विधायक कडू ने सवाल उठाया कि सहकार विभाग के पास यह जानकारी तक नहीं है कि जिलेवार कितने अवैध साहूकारी के मामले दर्ज हुए, कितने किसानों की जमीनें वापस दिलाई गईं और कितने लोगों पर पुलिस कार्रवाई हुई. उन्होंने कहा कि कानून में किसी प्रकार की कमी नहीं है, लेकिन प्रभावशाली और धनबल वाले लोगों के दबाव में अधिकारी कार्रवाई से बचते हैं. यदि प्रशासन ने लापरवाही जारी रखी तो जनआंदोलन के माध्यम से जवाब मांगा जाएगा.
* कर्जमाफी को लेकर किसानों का भ्रम दूर करने का प्रयास
राज्य में चल रही कर्जमाफी योजना और आधार प्रमाणीकरण की समस्याओं पर भी विधायक बच्चू कडू ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों की कर्जमाफी सूची में दिखाई दे रहे अंतर को लेकर किसानों में भ्रम की स्थिति है. विधायक कडू के अनुसार राष्ट्रीयकृत बैंकों की सूची में केवल मूलधन दिखाई दे रहा है, जबकि ब्याज की राशि अलग से समायोजित की जाएगी. वहीं जिला मध्यवर्ती बैंकों को सरकार पूरी राशि की गारंटी दे रही है. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे किसी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें. उन्होंने कहा कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट और नेटवर्क की समस्या के कारण आधार प्रमाणीकरण नहीं हो पा रहा है, जिससे किसानों को योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है. सरकार को इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करनी चाहिए ताकि कोई भी पात्र किसान लाभ से वंचित न रहे.
* ठाणे विवाद पर बोले- गठबंधन में राजी-नाराजी चलती रहती है
ठाणे में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक की कथित उपेक्षा को लेकर पैदा हुए विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक बच्चू कडू ने कहा कि गठबंधन राजनीति में ऐसे छोटे-मोटे मतभेद स्वाभाविक हैं. उन्होंने कहा, दो भाई एक साथ रहते हैं तो कभी-कभी नाराजगी भी होती है. महायुति में भी ऐसे रुसवे-फुगवे होते रहते हैं, लेकिन अंततः गठबंधन को साथ लेकर चलना ही सभी की जिम्मेदारी है.
* अभिजीत दीपके के आंदोलन को दिया समर्थन
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता अभिजीत दीपके से मुलाकात को लेकर पूछे गए सवाल पर बच्चू कडू ने कहा कि यह किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि एक आंदोलनकारी के रूप में दूसरे आंदोलनकारी से मुलाकात थी. उन्होंने कहा कि राज्य के लाखों युवाओं का भविष्य प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्तियों से जुड़ा है. यदि भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं, तो युवाओं का व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा. इसलिए परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना समय की आवश्यकता है.
* मंत्रिपद से बड़ा है जनसेवा का काम
संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और मंत्री बनने की संभावनाओं पर पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए बच्चू कडू ने अपने अंदाज में कहा कि वे किसी पद की अपेक्षा लेकर राजनीति नहीं करते. उन्होंने कहा, हम मंत्री पद के पीछे नहीं भागते. जनता के सवाल उठाना और उनके लिए संघर्ष करना ही हमारी प्राथमिकता है. पद आए या न आए, उससे हमारे काम करने के तरीके पर कोई फर्क नहीं पड़ता. राज्य में अवैध साहूकारी, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की वसूली, किसानों की जमीनों के विवाद और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर बच्चू कडू के इन बयानों ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है. अब यह देखना होगा कि सरकार और संबंधित विभाग इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं.





