गौरी और मेट्रो वाइन शॉप पर एक साथ छापे

अमरावती में आबकारी विभाग का बड़ा एक्शन

* शराब कारोबारियों में मचा हड़कंप
* डुप्लीकेट शराब के नेटवर्क पर शिकंजे की चर्चा
* घंटों चली पड़ताल, कई ब्रांड की शराब के नमूने जब्त
* वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद संभाली जांच की कमान
अमरावती/ दि. 5 – शहर में शराब कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों पर आबकारी विभाग ने मंगलवार को अचानक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो प्रमुख वाइन शॉप्स पर एक साथ छापेमारी की. गाडगे नगर क्षेत्र स्थित गौरी वाइन शॉप तथा जयस्तंभ चौक की मेट्रो वाइन शॉप पर हुई इस कार्रवाई से पूरे शराब कारोबार जगत में खलबली मच गई. विशेष बात यह रही कि जांच के दौरान आबकारी विभाग के कार्यवाहक उप आयुक्त डॉ. पराग नवुलकर स्वयं मौके पर मौजूद रहे और पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे.
आबकारी विभाग के डिवीजन फ्लाइंग स्क्वॉड (डीएफएस) द्वारा की गई इस कार्रवाई में शराब के स्टॉक, बिक्री रिकॉर्ड, लाइसेंस दस्तावेज, बैच नंबर और विभिन्न ब्रांड की शराब की बोतलों की गहन जांच की गई. टीम ने 8 से 10 अलग-अलग ब्रांड की शराब के नमूने भी जब्त किए हैं, जिन्हें परीक्षण के लिए सुरक्षित रखा गया है.
* सुबह गौरी, शाम को मेट्रो पर दबिश
सूत्रों के अनुसार मंगलवार सुबह डीएफएस टीम ने सबसे पहले नवसारी मार्ग स्थित गौरी वाइन शॉप पर छापा मारा. यहां कई घंटों तक दस्तावेजों और स्टॉक की जांच की गई. इसके बाद शाम को टीम ने उसी कारोबारी समूह से जुड़ी मेट्रो वाइन शॉप का रुख किया, जहां पुराने और नए रिकॉर्ड का मिलान कर विस्तृत जांच-पड़ताल की गई. अधिकारियों ने शराब की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, लाइसेंस शर्तों और उपलब्ध ब्रांडों की प्रामाणिकता की जांच की. कार्रवाई के दौरान दुकान संचालकों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई.
* शराब के नमूने जांच के लिए जब्त
आबकारी विभाग ने विभिन्न कंपनियों की 8 से 10 ब्रांड की शराब की बोतलों के नमूने अपने कब्जे में लिए हैं. विभागीय सूत्रों के मुताबिक पहले इन नमूनों की प्राथमिक जांच विशेष उपकरणों के माध्यम से की जाएगी. यदि किसी ब्रांड या बैच को लेकर संदेह उत्पन्न होता है तो उसे विस्तृत परीक्षण के लिए मुंबई स्थित अधिकृत प्रयोगशाला भेजा जाएगा. अधिकारियों ने पैकेजिंग, सील, बैच नंबर, लेबलिंग और स्टॉक की वास्तविक उपलब्धता का भी मिलान किया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बाजार में किसी प्रकार की संदिग्ध या मानकविहीन शराब की बिक्री नहीं हो रही है.
* शराब कारोबारियों में बढ़ी बेचैनी
कार्रवाई की खबर फैलते ही शहर के शराब कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति बन गई. आबकारी विभाग की टीम कई घंटों तक प्रतिष्ठानों में मौजूद रही, जिसके चलते अन्य शराब विक्रेताओं में भी बेचैनी देखी गई. विशेष रूप से अवैध और कथित डुप्लीकेट शराब के कारोबार से जुड़े लोगों में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा का माहौल है. विभाग की सक्रियता को देखते हुए कई कारोबारियों ने अपने रिकॉर्ड और स्टॉक की आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी है.
* विभाग का दावा, यह नियमित जांच अभियान
हालांकि आबकारी विभाग ने इस कार्रवाई को किसी विशेष शिकायत या मामले से जोड़ने से इनकार किया है. कार्यवाहक उप आयुक्त डॉ. पराग नवुलकर ने बताया कि यह विभाग का नियमित निरीक्षण अभियान है, जिसका उद्देश्य शराब विक्रेताओं के लाइसेंस, स्टॉक, बिक्री रिकॉर्ड और उत्पादों की गुणवत्ता की जांच करना है. उन्होंने कहा कि जैसे खाद्य एवं औषधि प्रशासन समय-समय पर खाद्य पदार्थों और दवाओं की जांच करता है, उसी प्रकार आबकारी विभाग भी शराब बिक्री व्यवस्था पर निगरानी रखता है. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है.
* रिपोर्ट के बाद हो सकती है बड़ी कार्रवाई
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब्त किए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा. यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता, नियमों का उल्लंघन या संदिग्ध शराब की पुष्टि होती है, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ आबकारी कानूनों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल शहर में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और शराब कारोबार से जुड़े लोग विभाग की अगली कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं.

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