पोक्सो के आरोपी की सजा निलंबित, जमानत

हाईकोर्ट की खंडपीठ का फैसला

* नाबालिग होने पर भी प्रेमसंबंध का दिया कारण
नागपुर/दि.6 – वर्धा के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा पोक्सो प्रकरण में उम्रकैद की सजा पाए आरोपी को बंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ ने बडी राहत दी. न केवल आरोपी को सुनाई गई सजा प्रलंबित की, बल्कि उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश भी पुलिस को दिए. न्या. उर्मिला जोशी फालके और न्या. निवेदिता मेहता की खंडपीठ ने आरोपी याचिकाकर्ता मोहम्मद अन्सार अमानत हुसैन की अर्जी को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए उपरोक्त निर्देश दिए. कोर्ट ने अपने निर्णय में स्पष्ट कहा कि, नाबालिग के साथ आरोपी के संबंध प्रेमसंबंधों के कारण रहे.
वर्धा न्यायालय ने अक्तूबर 2024 में आरोपी को दफा 376 (2) (एन) (जे) और पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी पाकर सजा सुनाई थी. उसे जीवनपर्यंत कारावास की सजा दी गई थी. हालांकि सूचना तकनीक कानून की धारा 67 के तहत अपराध सिद्ध नहीं हुआ था.
एड. ए. एस. बंड ने पीडिता के बयान को उल्लेखीत करत हुए कहा कि, वह और आरोपी प्रेमसंबंध में थे. इसी से उनके शारीरिक संबंध बने. यह बात पीडिता ने अपने बयान में स्वीकार की है. सरकार की ओर से एड. एस. एस. धोटे और पीडिता की ओर से एड. अनंत अनिरुद्ध ने आरोपी की अर्जी का विरोध किया. उन्होंने तर्क दिया कि, घटना के समय पीडिता नाबालिग थी. उसका बयान कोई कानूनी महत्व नहीं रखता.
हाईकोर्ट ने कहा कि, पीडिता ने प्रेमसंबंधों को स्वीकार किया है. जो दर्शाता है कि, उनके संबंध आगे और बढे होंगे. याचिका पर अंतिम सुनवाई करने से पहले इस बारे में गहरी छानबीन की आवश्यकता बताते हुए उच्च न्यायालय ने सजा को निलंबित कर आरोपी को जमानत पर छोडने के निर्देश दिए.

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