12 घंटे में चोरी हुई मोटरसाइकिल बरामद

जीआरपी अकोला की तत्पर कार्रवाई से शिकायतकर्ता को मिली बाइक

* आंखों में छलक आए खुशी के आंसू
अकोला /दि.8– रेलवे स्टेशन परिसर से चोरी हुई मोटरसाइकिल को अकोला जीआरपी की डीबी टीम ने महज 12 घंटे के भीतर बरामद कर लिया. पुलिस की तत्काल कार्रवाई से अपनी मोटरसाइकिल वापस मिलने पर शिकायतकर्ता की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए. उन्होंने नागपुर रेलवे पुलिस एवं अकोला जीआरपी का आभार व्यक्त किया.
जानकारी के मुताबिक 6 अगस्त को गणेश चौक, अकोला निवासी गजानन व्यवहारे (50) रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर रेलवे विभाग के टाइल्स फिटिंग का काम कर रहे थे. उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल दक्षिण मध्य रेलवे के बुकिंग ऑफिस के पास, प्लेटफॉर्म नंबर 6 के दूसरी ओर नो-पार्किंग क्षेत्र में खड़ी की थी. शाम करीब 5.30 बजे काम पूरा करने के बाद जब व्यवहारे मोटरसाइकिल लेने पहुंचे तो बाइक वहां से गायब थी. उन्होंने आरटीओ कार्यालय सहित विभिन्न स्थानों पर तलाश की, लेकिन मोटरसाइकिल का कोई पता नहीं चला. इसके बाद उन्होंने अकोला रेलवे पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर अकोला जीआरपी थाने में मामला दर्ज किया गया.
* स्टेशन परिसर में ही मिली बाइक
मामला दर्ज होते ही अकोला रेलवे पुलिस थाने की डीबी टीम ने तत्काल तलाश अभियान शुरू किया. प्लेटफॉर्म नंबर 6 के दूसरी ओर स्टेशन परिसर में तलाशी के दौरान पुलिस को उक्त मोटरसाइकिल मिल गई. डीबी टीम ने शिकायतकर्ता से संपर्क कर बाइक की पहचान कराई. पुलिस निरीक्षक अमोल दोड ने मामले का तत्काल फॉलोअप करते हुए बिना अनावश्यक देरी के मोटरसाइकिल बरामद कर ली. अगले दिन दोपहर करीब 12 बजे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद मोटरसाइकिल व्यवहारे को सौंप दी गई.
* बाइक वापस मिलते ही छलक पड़े खुशी के आंसू
सामान्य आर्थिक स्थिति वाले गजानन व्यवहारे के लिए मोटरसाइकिल का वापस मिलना बड़ी राहत थी. चोरी गई बाइक इतनी कम समय में वापस मिलने से उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए. उन्होंने अकोला जीआरपी पुलिस की तत्परता की सराहना करते हुए नागपुर रेलवे पुलिस एवं अकोला जीआरपी का मनःपूर्वक आभार व्यक्त किया.
* इन पुलिसकर्मियों ने निभाई अहम भूमिका
कार्रवाई अकोला जीआरपी के प्रभारी पुलिस निरीक्षक अमोल दोड के मार्गदर्शन में की गई. डीबी दल के पुलिस कांस्टेबल इरफान पठान, पुलिस कांस्टेबल कुणाल, पुलिस हेड कांस्टेबल कुर्वे, अविन गजवे और पुलिस हवलदार सांगड़े ने विशेष मेहनत की. जीआरपी की इस त्वरित कार्रवाई से एक बार फिर रेलवे परिसर में होने वाली घटनाओं पर पुलिस की सतर्कता और तत्परता सामने आई है.

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