20 वर्षों में 40 तबादले, सुर्खियों में आईं आईपीएस रूपा मौदगिल
तुकाराम मुंढे से भी ज्यादा चर्चा

नई दिल्ली/दि.14 – महाराष्ट्र में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) आयुक्त के रूप में तुकाराम मुंढे की सख्त कार्रवाई इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है. हालांकि, इन दिनों एक महिला आईपीएस अधिकारी का नाम भी देशभर में तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है. कर्नाटक कैडर की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रूपा मौदगिल अपनी बेबाक कार्यशैली, भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े रुख और लगातार तबादलों के कारण फिर चर्चा में हैं.
रूपा मौदगिल वर्ष 2000 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं. अपने दो दशक से अधिक लंबे करियर में उन्होंने कई संवेदनशील पदों पर काम किया है. उनकी पहचान एक सख्त, निर्भीक और नियमों के पालन पर जोर देने वाली अधिकारी के रूप में रही है. यही वजह है कि उन्हें कई बार विवादों और राजनीतिक दबावों का भी सामना करना पड़ा.
रिपोर्टों के अनुसार, रूपा मौदगिल का पिछले लगभग 20 वर्षों में करीब 40 बार तबादला हुआ. कई बार वे किसी एक पद पर छह महीने से अधिक समय तक नहीं रह सकीं. इसके बावजूद उन्होंने हर नई जिम्मेदारी पर उसी दृढ़ता और सख्ती के साथ काम किया, जिसके कारण अपराधियों और भ्रष्ट तत्वों में उनका खासा प्रभाव माना जाता है. तुलना की जाए तो महाराष्ट्र के चर्चित आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे का भी प्रशासनिक करियर लगातार तबादलों के लिए जाना जाता है. उनके लगभग 21 वर्षों के कार्यकाल में 25 से अधिक बार तबादला हुआ है. लेकिन रूपा मौदगिल का तबादलों का आंकड़ा इससे भी अधिक बताया जाता है.
* पूर्व मुख्यमंत्री की गिरफ्तारी से बनीं राष्ट्रीय चर्चा का विषय
रूपा मौदगिल का नाम उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था, जब उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कानून के पालन को प्राथमिकता देते हुए एक पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्रवाई की थी. इस घटना ने उन्हें एक निर्भीक और दबाव से मुक्त होकर काम करने वाली अधिकारी की छवि दिलाई.
* भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ सख्त रुख
रूपा मौदगिल ने अपने करियर में कई बार भ्रष्टाचार, जेल प्रशासन में अनियमितताओं और संगठित अपराध के मामलों को उजागर किया. उन्होंने प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर देते हुए कई संवेदनशील मामलों में कार्रवाई की. उनकी कार्यशैली को लेकर कई बार राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद भी सामने आए, लेकिन उन्होंने अपने रुख में बदलाव नहीं किया.
* देशभर में चर्चा
वर्तमान में जहां तुकाराम मुंढे महाराष्ट्र में एफडीए की कार्रवाई के कारण चर्चा में हैं, वहीं रूपा मौदगिल की कार्यशैली, लगातार तबादलों और दबावों के बावजूद प्रशासनिक दृढ़ता को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर उनकी खूब चर्चा हो रही है. समर्थकों का कहना है कि बार-बार तबादलों के बावजूद उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और हर पद पर प्रभावी काम किया. रूपा मौदगिल का करियर भारतीय प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था में उन अधिकारियों के उदाहरण के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने चुनौतियों और दबावों के बीच भी अपनी कार्यशैली को बरकरार रखा.





