आज एसआईआर की अंतिम समयसीमा

3.30 लाख मतदाताओं के नाम हटने का खतरा, प्रशासन ने किया अंतिम आह्वान

* गणना प्रपत्र जमा नहीं करने वालों के नाम प्रारूप मतदाता सूची से हो सकते हैं बाहर
अमरावती/दि.17- जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन – एसआईआर) कार्यक्रम के तहत मतदाताओं के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है. निर्वाचन विभाग द्वारा मतदाता गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन की अंतिम समयसीमा 17 अगस्त निर्धारित की गई है. जिन मतदाताओं ने अब तक अपने गणना प्रपत्र जमा नहीं किए हैं, उनके नाम आगामी प्रारूप मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं. प्रशासन ने ऐसे सभी मतदाताओं से तत्काल संबंधित बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज जमा करने की अपील की है.
जिला प्रशासन के अनुसार एसआईआर अभियान के दौरान जिले में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता सामने आए हैं जिनकी जानकारी अधूरी है या जो सत्यापन प्रक्रिया में अनुपलब्ध पाए गए हैं. वर्तमान स्थिति में जिले के 21 लाख 88 हजार 690 मतदाताओं के गणना प्रपत्र बीएलओ द्वारा डिजिटाइज किए जा चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का 85.94 प्रतिशत है. हालांकि अभी भी बड़ी संख्या में मतदाता ऐसे हैं जिनके प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए हैं.
* 24 अगस्त को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची
निर्वाचन विभाग द्वारा 17 अगस्त तक प्राप्त होने वाले प्रपत्रों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसके बाद प्रारूप मतदाता सूची तैयार कर 24 अगस्त 2026 को प्रकाशित की जाएगी. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा तक जिन मतदाताओं के प्रपत्र जमा नहीं होंगे, उनके नाम प्रारूप सूची में शामिल नहीं किए जा सकेंगे. बाद में दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के माध्यम से सुधार का अवसर रहेगा, लेकिन फिलहाल नाम बनाए रखने के लिए प्रपत्र जमा करना आवश्यक है.
* 3.30 लाख नामों पर संकट
एसआईआर अभियान के दौरान जिले में कुल 3 लाख 30 हजार 401 मतदाताओं को विभिन्न कारणों से हटाए जाने की श्रेणी में रखा गया है. इन मतदाताओं की सूची जिला प्रशासन ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई है, ताकि संबंधित नागरिक अपने नाम की जांच कर सकें और आवश्यक कार्रवाई कर सकें.
प्रशासन के अनुसार बड़ी संख्या में मतदाता अनकलेक्टेबल श्रेणी में शामिल किए गए हैं. इसका अर्थ है कि बीएलओ द्वारा कई बार प्रयास किए जाने के बावजूद संबंधित मतदाता का पता नहीं चल पाया या उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका. ऐसे मतदाताओं को अंतिम अवसर देते हुए 17 अगस्त तक अपने गणना प्रपत्र जमा करने का निर्देश दिया गया है.
* किन कारणों से हटाए जा रहे हैं नाम?
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार हटाए जाने वाले मतदाताओं में 1,08,109 मृत मतदाता, 15,307 गैरहाजिर मतदाता, 1,53,833 स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरित मतदाता, 1,002 अन्य कारणों से अयोग्य मतदाता, 52,150 डुप्लिकेट अथवा पहले से पंजीकृत मतदाता जैसी विभिन्न श्रेणियां शामिल हैं. अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के लिए यह प्रक्रिया आवश्यक है. इससे मृत, डुप्लिकेट और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाकर वास्तविक मतदाताओं की संख्या सुनिश्चित की जा सकेगी.
* शहरी क्षेत्रों में अधिक असर
जानकारों के अनुसार अमरावती शहर और बडनेरा जैसे शहरी विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर अभियान का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिला है. बड़ी संख्या में लोग नौकरी, शिक्षा या अन्य कारणों से दूसरे शहरों में स्थानांतरित हो चुके हैं, जबकि कई मतदाता वर्षों से अपने पुराने पते पर नहीं रहते. ऐसे मामलों में बीएलओ को सत्यापन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है.
* प्रशासन की अपील
जिलाधिकारी कार्यालय ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी मतदाता का नाम अनकलेक्टेबल, पता नहीं मिला या अन्य किसी संदिग्ध श्रेणी में दर्ज हुआ है, तो वे तुरंत अपने बीएलओ, तहसील कार्यालय या निर्वाचन शाखा से संपर्क करें. गणना प्रपत्र और आवश्यक दस्तावेज जमा कर वे अपने नाम को मतदाता सूची में बनाए रख सकते हैं. निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि एसआईआर अभियान का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाना है. इसलिए पात्र मतदाताओं को अंतिम समयसीमा का लाभ उठाते हुए अपने दस्तावेज तत्काल जमा करने चाहिए, ताकि आगामी चुनावों में उनके मतदान के अधिकार पर कोई प्रभाव न पड़े.

 

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