रायगढ़ और नासिक के पालकमंत्री पद का विवाद खत्म
भरत गोगावले और गिरीश महाजन को मिली जिम्मेदारी

मुंबई ./दि.17- महाराष्ट्र की महायुति सरकार में लंबे समय से लंबित पड़े रायगढ़ और नासिक जिले के पालकमंत्री पद को लेकर चल रहा विवाद आखिरकार समाप्त हो गया है. राज्य सरकार ने सोमवार को दोनों जिलों के पालकमंत्रियों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी. इसके तहत रायगढ़ जिले की जिम्मेदारी शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता एवं मंत्री भरत गोगावले को सौंपी गई है, जबकि नासिक जिले के पालकमंत्री के रूप में भाजपा नेता और मंत्री गिरीश महाजन को बरकरार रखा गया है. सरकार के इस निर्णय के साथ ही महायुति गठबंधन के भीतर कई महीनों से चल रही राजनीतिक खींचतान पर विराम लग गया है.
बता दे कि, दोनों जिलों के पालकमंत्री पद को लेकर गठबंधन में शामिल भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के नेताओं के बीच दावेदारी और रस्साकशी चल रही थी. राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, नासिक और रायगढ़ दोनों ही जिले राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं. पालकमंत्री पद के माध्यम से जिला नियोजन समिति, विकास निधि, प्रशासनिक समन्वय और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रभावी भूमिका रहती है. इसी कारण महायुति के तीनों घटक दल अपने-अपने नेताओं को इन जिलों की जिम्मेदारी दिलाने के लिए प्रयासरत थे. स्थानीय स्तर पर राजनीतिक प्रभाव बनाए रखने और विकास निधियों के आवंटन में भूमिका सुनिश्चित करने की प्रतिस्पर्धा के चलते इन नियुक्तियों को लंबे समय तक टालना पड़ा था. सरकार के इस फैसले से महायुति के भीतर लंबे समय से चल रहा एक महत्वपूर्ण राजनीतिक विवाद समाप्त हो गया है. अब दोनों जिलों में विकास योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
* रायगढ़ में गोगावले और तटकरे के बीच थी दावेदारी
रायगढ़ जिले के पालकमंत्री पद को लेकर सबसे अधिक चर्चा शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के बीच देखने को मिली. इस पद के लिए मंत्री आदिती तटकरे और मंत्री भरत गोगावले दोनों ही प्रमुख दावेदार माने जा रहे थे. हालांकि अंततः मुख्यमंत्री फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने रायगढ़ की जिम्मेदारी भरत गोगावले को सौंपने का निर्णय लिया. इससे शिवसेना (शिंदे गुट) को जिले में संगठनात्मक और राजनीतिक रूप से मजबूती मिलने की संभावना जताई जा रही है.
* नासिक में गिरीश महाजन पर फिर जताया भरोसा
नासिक जिले के पालकमंत्री पद को लेकर भाजपा, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के बीच काफी समय से चर्चा चल रही थी. कई नेताओं के नाम सामने आए, लेकिन अंततः भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री गिरीश महाजन पर सरकार ने पुनः भरोसा जताया. गिरीश महाजन लंबे समय से नासिक जिले की राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं और उन्हें प्रशासनिक अनुभव के आधार पर यह जिम्मेदारी बनाए रखने का अवसर दिया गया है.
* स्वतंत्रता दिवस समारोह से मिले थे संकेत
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ही इन नियुक्तियों के संकेत मिल गए थे. नासिक में मुख्य शासकीय ध्वजारोहण कार्यक्रम में गिरीश महाजन ने ध्वजारोहण किया था, जबकि रायगढ़ में भरत गोगावले ने मुख्य समारोह में ध्वजारोहण किया था. इसके बाद से ही दोनों नेताओं के पालकमंत्री बनने की चर्चा तेज हो गई थी.
ज्ञात रहे कि, महाराष्ट्र में पालकमंत्री किसी जिले में राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करता है. जिला विकास योजनाओं की समीक्षा, विभिन्न विभागों के कार्यों का समन्वय, जिला नियोजन समिति की बैठकों की अध्यक्षता तथा विकास निधियों के उपयोग पर निगरानी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां पालकमंत्री के पास होती हैं. इसी वजह से यह पद राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और अक्सर गठबंधन सरकारों में इसे लेकर खींचतान देखने को मिलती है.





