मैं महाराष्ट्र में हूं, महाराष्ट्र में ही रहूंगा

दिल्ली दौरे पर उठे सवालों का सीएम फडणवीस ने दिया जवाब

* पीएम मोदी से मुलाकात के बाद अटकलों पर लगाया विराम
* कहा – महाराष्ट्र की जनता ने महाराष्ट्र की सेवा के लिए चुना है
* केंद्र में जाने की चर्चाओं को पूरी तरह से किया खारिज
* प्रधानमंत्री के साथ विकास परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की बात कही
नई दिल्ली/मुंबई/दि.17- पिछले कई सप्ताह से महाराष्ट्र की राजनीति में चल रही अटकलों पर आखिरकार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद विराम लगा दिया है. दिल्ली दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात और भाजपा संगठन में बड़े बदलावों के बीच यह चर्चा तेज हो गई थी कि महाराष्ट्र के मुख्यमंंत्री देवेंद्र फडणवीस को केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है. लेकिन मुख्यमंत्री फडणवीस ने इन सभी कयासों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट कहा कि उनकी प्राथमिकता महाराष्ट्र है और वे मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे.
दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत के दौरान फडणवीस ने कहा कि राजनीतिक गलियारों में अफवाहें और अटकलें लगती रहती हैं, लेकिन उनका ध्यान केवल महाराष्ट्र के विकास और जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने पर केंद्रित है. उन्होंने कहा, जिसे जितनी अटकलें लगानी हैं, जितनी पतंग उड़ानी है और जितनी अफवाह फैलानी है, वह फैलाता रहे. महाराष्ट्र की जनता ने मुझे चुना है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है. मैं उसी जिम्मेदारी का निर्वहन करता रहूंगा.
बता दे कि, दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री फडणवीस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं थीं, लेकिन मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि बैठक पूरी तरह विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रही. सीएम फडणवीस के अनुसार, महाराष्ट्र में चल रही और प्रस्तावित बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की गई. राज्य के परिवहन, शहरी विकास, औद्योगिक निवेश और कनेक्टिविटी से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई. मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र की विकास योजनाओं को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया और केंद्र की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया.
सीएम फडणवीस के मुताबिक, उनकी पीएम मोदी के साथ बैठक में जिन प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा हुई, उनमें मुंबई और महानगर क्षेत्र की मेट्रो परियोजनाएं, ग्रामीण विकास योजनाएं, रेलवे नेटवर्क विस्तार, नए हवाई अड्डों का विकास, बंदरगाह परियोजनाएं, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों का निर्माण, औद्योगिक गलियारों का विस्तार तथा लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी परियोजनाएं शामिल थी. राज्य सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी.
* निर्मला सीतारमण और अन्य केंद्रीय मंत्रियों से भी मुलाकात
प्रधानमंत्री से मुलाकात के अलावा मुख्यमंत्री फडणवीस ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी चर्चा की. बैठक में महाराष्ट्र से जुड़ी वित्तीय आवश्यकताओं, निवेश योजनाओं और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहयोग से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ. विशेष रूप से जापान की अंतरराष्ट्रीय एजेंसी जायका के सहयोग से प्रस्तावित परियोजनाओं तथा वियर कॉरिडोर जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की गई. इसके अलावा सीएम फडणवीस ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर राज्य से जुड़े पर्यावरणीय अनुमोदनों और विकास परियोजनाओं में आ रही बाधाओं पर चर्चा की. उन्होंने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से भी मुलाकात का कार्यक्रम तय होने की जानकारी दी.
* उद्योग निवेश को लेकर भी सक्रियता
मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि देशभर के मुख्यमंत्रियों और उद्योग मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने वाली है, जिसमें वे भी भाग लेंगे. इस बैठक का उद्देश्य राज्यों में निवेश बढ़ाने, उद्योगों को प्रोत्साहन देने और रोजगार सृजन के नए अवसर तलाशना है. हाल के दिनों में महाराष्ट्र से कुछ उद्योगों के अन्य राज्यों में जाने को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों के बीच यह बैठक राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
* आखिर क्यों उठीं थीं केंद्र में जाने की अटकलें?
उल्लेखनिय है कि, महाराष्ट्र की राजनीति में मुख्यमंत्री फडणवीस के दिल्ली जाने की चर्चाएं पहली बार जुलाई में तेज हुई थीं. जब शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने दावा किया था कि केंद्र सरकार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भी बड़े बदलाव हो सकते हैं. राउत ने कहा था कि यदि केंद्र में फेरबदल होता है, तो देवेंद्र फडणवीस को दिल्ली में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा सकती है और महाराष्ट्र में भाजपा का कोई अन्य वरिष्ठ नेता मुख्यमंत्री बन सकता है. इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जाने लगे थे.
* भाजपा की नई टीम और फिर तेज हुई चर्चा
सोमवार को भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा के साथ ही राजनीतिक चर्चाओं को एक बार फिर बल मिला. उसी दिन फडणवीस की प्रधानमंत्री मोदी और कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की खबर सामने आने के बाद यह अटकलें दोबारा तेज हो गईं कि शायद उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका दी जा सकती है. हालांकि मुख्यमंत्री फडणवीस के स्पष्ट बयान ने इन सभी अटकलों पर फिलहाल विराम लगा दिया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि फडणवीस ने अपने बयान के जरिए दो स्पष्ट संदेश दिए हैं. पहला, महाराष्ट्र सरकार में नेतृत्व परिवर्तन की कोई तत्काल संभावना नहीं है. दूसरा, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच विकास परियोजनाओं को लेकर मजबूत समन्वय बना हुआ है.
फिलहाल मुख्यमंत्री फडणवीस ने साफ कर दिया है कि उनका पूरा ध्यान महाराष्ट्र के विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और निवेश बढ़ाने पर है. ऐसे में दिल्ली दौरे को राजनीतिक बदलाव की बजाय विकास योजनाओं के लिए केंद्र से सहयोग जुटाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है. महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से चल रही अटकलों के बीच सीएम फडणवीस का यह बयान न केवल राजनीतिक संदेश देता है, बल्कि यह भी संकेत करता है कि राज्य की सत्ता की कमान फिलहाल उन्हीं के हाथों में बनी रहेगी.

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