ठेकेदारों के बिल लेट हुए तो मिलेगा ब्याज
राज्य कैबिनेट ने मंजूर की नई प्रणाली

* प्रदेश में प्रलंबित है हजारों करोड के बिल
मुंबई/दि.19 – अनेक महीनों से प्रलंबित हजारों करोड के सरकारी कामों के बिल के लिए ठेकेदारों द्बारा यहां आजाद मैदान पर धरना आंदोलन जारी रहते देवेन्द्र फडणवीस सरकार ने मंगलवार को महत्वपूर्ण डिसीजन कैबिनेट बैठक में किया. जिसके अनुसार अब शासकीय ठेकों के बिल 6 माह से अधिक समय तक प्रलंबित रह जाने की स्थिति में रकम पर ब्याज भी देय होगा. अति शीघ्र नई प्रणाली लागू करने का निर्णय मंत्रिमंडल ने किया हेै. ब्याज की रेट तय करने के वास्ते लोनिवि के अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में क्रियान्वयन और सहनियंत्रण समिति तय की गई है.
उल्लेखनीय है कि लोनिवि सहित सभी विभागों में छोटे, मध्यम और सूक्ष्म ठेकेदारों के बकाया देने के लिए ट्रेड्स प्रणाली अपनाई जा रही है. 6 माह के भीतर बिलों का भुगतान अनिवार्य होगा. उसी प्रकार आर्थिक मामलों के कोई भी निर्णय वित्त मंत्रालय से सहमति अथवा स्वीकृति के बाद ही किया जायेगा. जिससे वर्क ऑर्डर के पहले संबंधित काम हेतु आवश्यक फंड की व्यवस्था की जायेगी.
धान के लिए 328 करोड
कैबिनेट ने धान, चावल की न्यूनतम मूल्य पर खरीदी एवं यातायात खर्च हेतु 328 करोड 47 लाख रूपए फंड वितरण को मान्यता दी है. उसी प्रकार कैबिनेट ने सोलापुर के श्री जांबमुनि मोची समाज सेवा मंडल को शिक्षा संस्थान के लिए प्लॉट देने का भी निर्णय किया गया है.
* गडचिरोली में 80 करोड का खेल संकुल
मंत्रिमंडल ने मंगलवार की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय किए . जिसके अनुसार नक्सलमुक्त हुए गडचिरोली जिले में खेल संकुल स्थापित किया जायेगा. इसके वास्ते 80 करोड 12 लाख रूपए के बजट को राज्य कैबिनेट ने स्वीकार कर लिया. उसी प्रकार पुणे जिले के मोशी में 15 हेक्टेयर शासकीय जमीन चिंचवड की क्रांतिवीर चाफेकर समिति संचालित क्रांति तीर्थ चाफेकर बंधु राष्ट्रीय संग्रहालय और पुनरूत्थान समरसता गुरूकुलम अनुदानित आश्रम शाला को देने का निर्णय किया गया है. यहां वंचित आदिवासी समाज हेतु सर्वागीण विकास का केन्द्र स्थापित किया जायेगा.
* यूसीआई रोड वर्ल्ड चैम्पियनशिप
पुणे ग्रैंड टूर 2006 स्पर्धा के सफल आयोजन पश्चात अब यूसीआई रोड वर्ल्ड चैम्पियनशिप की मेजबानी पुणे को मिलने जा रही है. पहली बार एशिया में यह स्पर्धा भारत में संपन्न होगी. स्पर्धा हेतु सरकार की ओर से समर्थन पत्र और आर्थिक गारंटी देने का निर्णय मंत्रिमंडल ने किया. 2032 में यह स्पर्धा होगी. उसके लिए मूलभूत सुविधाएं राज्य शासन के सहयोग से डेवलप की जायेगी.
6477 करोड मंजूर
जायकवाडी परियोजना दूसरे चरण के काम हेतु कैबिनेट ने 6477 करेाड रूपए के प्रावधान को मान्यता दी है. गोदावरी घाटी के सिंदफना नदी पर माजलगांव बांध के निर्माण को गति मिलेगी. बांध से छत्रपति संभाजी नगर, अहिल्या नगर, बीड, परभणी और नांदेड जिले के 131652 हेक्टेयर क्षेत्र ंं में सिंचाई सुविधा मिलेगी.





