भाजपा ओबीसी मोर्चा की नई कार्यकारिणी में विदर्भ से 18 पदाधिकारी
72 सदस्यीय राज्य टीम में विदर्भ को 25 प्रतिशत प्रतिनिधित्व

* अलग-अलग पदों पर नेताओं को जिम्मेदारी
नागपुर /दि.20– भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ओबीसी मोर्चा की नई 72 सदस्यीय राज्य कार्यकारिणी में विदर्भ को 18 पद मिले हैं. इस तरह नई कार्यकारिणी में विदर्भ की हिस्सेदारी करीब 25 प्रतिशत है. प्रदेशाध्यक्ष विधायक योगेश टिलेकर के नेतृत्व में घोषित नई कार्यकारिणी में विदर्भ के नेताओं को उपाध्यक्ष, सचिव, संपर्क प्रमुख, सहसंपर्क प्रमुख और कार्यकारिणी सदस्य जैसे विभिन्न पदों की जिम्मेदारी दी गई है.
नई कार्यकारिणी में विदर्भ को मिले प्रतिनिधित्व से स्पष्ट है कि भाजपा ने ओबीसी समुदाय के बीच संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है. आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और बदलते राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए पार्टी ने विदर्भ में ओबीसी मतदाताओं तक संगठन की पहुंच मजबूत करने के लिए क्षेत्र के विभिन्न जिलों के नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं.
* अमरावती और नागपुर के नेताओं को उपाध्यक्ष पद
अमरावती के गजानन कोल्हे और नागपुर के रवींद्र येनुरकर को क्षेत्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. प्रमुख शहरों के नेताओं को उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी देकर पार्टी ने विदर्भ में ओबीसी मोर्चे के संगठनात्मक नेतृत्व को मजबूत करने का प्रयास किया है. चंद्रपुर और गढ़चिरोली के नेताओं को राज्य सचिव की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं अमरावती, बुलढाणा सहित पश्चिम और पूर्व विदर्भ के विभिन्न जिलों के नेताओं को संपर्क प्रमुख और सहसंपर्क प्रमुख जैसे महत्वपूर्ण पद दिए गए हैं.
* इन नेताओं को मिली जिम्मेदारी
नई कार्यकारिणी में प्राजक्ता महितकर (वाशिम) और गजेंद्र कुंटे (गढ़चिरोली) को सचिव बनाया गया है. इसके अलावा प्रियंका मालठाणे (अमरावती), डॉ. सुभाष कायंदे (बुलढाणा), डॉ. विलास कविटकर, स्नेहल गोलीवार, सोपान मुरडे, राजेश बंटे (भंडारा), अनिल डोंगरे (चंद्रपुर), राजेंद्र महाडोले, अनिल पोहनकर (गढ़चिरोली), विश्वनाथ माली (बुलढाणा), चामेश्वर गव्हाणे (भंडारा), प्रशांत सव्वालखे (वर्धा), मीनाताई बगाड़े (वाशिम) और जयश्री पुंडकर (तेल्हारा) को भी विभिन्न संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी गई हैं.
* 10 जिलों को प्रतिनिधित्व
विदर्भ से शामिल 18 पदाधिकारियों में अमरावती, नागपुर, चंद्रपुर, गढ़चिरोली, बुलढाणा, अकोला, यवतमाल, भंडारा, वर्धा और वाशिम जिलों का प्रतिनिधित्व है. पश्चिमी विदर्भ से लेकर पूर्वी विदर्भ तक नेताओं को जिम्मेदारियां देकर भाजपा ओबीसी मोर्चे की संगठनात्मक संरचना को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ी है. ओबीसी समुदाय को विदर्भ की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में नई कार्यकारिणी में विदर्भ को मिला 25 प्रतिशत प्रतिनिधित्व आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.





