सितंबर में होगा महामंडलों का बटवारा, अब शुरू हुई लॉबिंग

पौने दो साल बाद सत्तारूढ दल हुए सहमत

* डीपीडीसी, एसईओ के पदों पर भी होगी नियुक्ति
मुंबई/दि.20- सत्तारूढ महायुती सरकार के घटक दलों में पौने दो साल बाद सरकारी महामंडलों के बटवारे को लेकर सहमती बनी है. भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट), राकांपा(अजित पवार गुट) और अन्य छोटे सहयोगी दलों के बीच सरकार के अलग-अलग महामंडल सितंबर महिने के अंत तक बाटे जाएगे.इसके अलावा सभी जिला नियोजन व विकास समितियों (डीपीडीसी) एवं विशेष कार्यकारी अधिकारी (एसईओ) के पद पर भी नियुक्ति की जाएगी.
इसे तिनों दलों में सत्ता संतुलन बनाए रखने के तौर पर देखा जा रहा है.जिन नेताओं को मंत्री पद नहीं मिल पाया था वे सरकारी महामंडलों की आस लगाए बैठे है. पिछले काफी समय से इसे लेकर लॉबिंग भी जारी है. 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव तथा 2025-2026 के स्थानीय निकाय चुनाव के बाद सत्तारूढ दलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को सरकारी महामंडलों एवं समितियों में मौका मिल सकेगा.

* पर्यटन मंत्री शंभुराज देसाई के सरकारी आवास पर हुई बैठक
राज्य के पर्यटन मंत्री शंभुराज देसाई के सरकारी आवास मेघदूत पर मंगलवार को रात महायुती की समन्वय समिति की बैठक हुई थी. बैठक में तिनों घटक दलों के वरिष्ठ मंत्री शामिल थे. मंत्री छगन भुजबल ने बताया कि, 15 सितंबर तक महामंडलों के बटवारे का लक्ष्य रखा गया है. यदि थोडी देर हुई तो सितंबर के अंत तक सभी महामंडलों में नियुक्ति कर दी जाएगी.उन्होंने बताया कि विधायकों की संख्या बल के आधार पर दलों के हिस्से में महामंडल आएगा.इसके अलावा सरकारी योजनाओं के अलग-अलग मद (हेड) से उपलब्ध होनेवाली विकास निधि का फार्मुला भी तय किया गया है. मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री अपने दल के विधायकों को विकास निधि बाटेंगे. महायुती सरकार ने फरवरी 2025 को राज्य में 1.94 लाख एसईओ नियुक्त करने का फैसला लिया था. जिनमें से 35 प्रतिशत एसईओ महिलाओं को बनाने का लक्ष्य रखा गया है.

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