रेवसा में बनेगा भव्य इस्कॉन मंदिर, सोमवार को होगा भूमिपूजन

श्रील लोकनाथ स्वामी करेंगे शिलान्यास

* 50 करोड़ की लागत से एक लाख वर्गमीटर क्षेत्र में बनेगा मंदिर
अमरावती /दि.22– शहर के तेजी से विकसित हो रहे रेवसा क्षेत्र में इस्कॉन की ओर से भव्य एवं विशाल मंदिर का निर्माण किया जाएगा. प्रस्तावित मंदिर का भूमिपूजन एवं शिलान्यास समारोह सोमवार 24 अगस्त को सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित किया जाएगा. इस अवसर पर श्रील लोकनाथ स्वामी के हाथों शिलान्यास किया जाएगा.
रेवसा के मालू सिटी क्षेत्र में बनने वाला यह मंदिर केवल अमरावती ही नहीं, बल्कि पूरे विदर्भ के प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है. इस्कॉन अमरावती के स्थानीय केंद्र प्रमुख अद्वैताचार्य प्रभु के मुताबिक करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से लगभग एक लाख वर्गमीटर क्षेत्र में इस भव्य मंदिर परिसर का निर्माण किया जाएगा.
* 100 फीट ऊंचा होगा मुख्य मंदिर
प्रस्तावित मंदिर की ऊंचाई करीब 100 फीट होगी. मंदिर परिसर में रुक्मिणी रथ मंदिर विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा. मंदिर परिसर को धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक और सेवा कार्यों का केंद्र बनाने की योजना है. अद्वैताचार्य प्रभु ने बताया कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं और नागरिकों के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इनमें संस्कार भवन, प्रसाद वितरण केंद्र, गेस्ट हाउस, गोविंदा रेस्टोरेंट, आश्रम, गुरुकुल और गौशाला शामिल हैं. इसके अलावा बच्चों के लिए खेल एवं संस्कार केंद्र भी बनाया जाएगा.
* आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा
इस्कॉन के मुताबिक प्रस्तावित मंदिर परिसर में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ समाजसेवा से जुड़े विभिन्न उपक्रम भी संचालित किए जाएंगे. इसका उद्देश्य युवाओं और बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ना तथा नागरिकों को आध्यात्मिक वातावरण उपलब्ध कराना है. मंदिर के लिए जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया 20 अगस्त को पूरी कर ली गई. इस अवसर पर वरुण मालू, सूरज तलडा, इस्कॉन अमरावती के क्षेत्रीय सचिव अनंतशेष प्रभु, इस्कॉन अमरावती मंदिर के अध्यक्ष अद्वैताचार्य प्रभु सहित अन्य पदाधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित थे. सोमवार को होने वाले भूमिपूजन एवं शिलान्यास समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. इस भव्य परियोजना के पूरा होने के बाद रेवासा क्षेत्र को अमरावती के प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों में नई पहचान मिलने की उम्मीद है.

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