फुले दंपति को दें ‘भारत रत्न’
डीसीएम सुनेत्रा पवार की डिमांड

* बताया पूरे महाराष्ट्र की भावना
मुंबई/दि.22- महात्मा ज्योतिराव फुले और क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले को ‘भारत रत्न’ अवॉर्ड से सम्मानित किया जाना चाहिए, यह पूरे महाराष्ट्र की भावना है. सुनेत्रा पवार पुणे प्रोग्राम साविबाई फुले यूनिवर्सिटी सुनेत्रा पवार फुले कपल को ‘भारत रत्न’ देने पर ज़ोर देती हैं हमें फॉलो ‘फुले कपल को भारत रत्न मिलना चाहिए, यह महाराष्ट्र की भावना है. डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुनेत्रा पवार ने कहा, ‘विधानसभा ने एकमत से केंद्र सरकार से सिफारिश की है कि उनके महान काम को सही सम्मान दिया जाए.’पवार सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी की मेन बिल्डिंग के सामने बनाए गए म्यूरल ‘ज्ञानाई ज्ञानशिल्प’ के उद्घाटन के मौके पर बोल रही थीं.
पुणे विवि के कुलगुरू डॉ. सुरेश गोसावी, प्रो- कुलगुरू डॉ. पराग कालकर, रजिस्ट्रार डॉ. प्रफुल्ल पवार और एडवाइजरी कमेटी के मेंबर राजेश पांडे मौजूद थे. इस मौके पर मूर्तिकार नवीन शेगंबर को अवॉर्ड से सम्मानित किया गया.डिप्टी चीफ मिनिस्टर पवार ने कहा, ‘महिलाएं साइंस, एडमिनिस्ट्रेशन, डिफेंस, एग्रीकल्चर और स्पेस के हर फील्ड में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं और सावित्रीबाई फुले का संघर्ष इसकी जड़ में है. फुले दंपत्ति को भारत रत्न देने के लिए केंद्र सरकार से सिफारिश की गई है. नायगांव में सावित्रीबाई फुले का एक मेमोरियल बनाया गया है और ज़िला परिषद के ज़रिए ‘ज्योति-सावित्री’ स्टडी स्कूल बनाया गया है.‘शिव-शाहू-फुले-अंबेडकर स़िर्फ इतिहास नहीं हैं, यह महाराष्ट्र की आत्मा हैं. यह हमारे आज की नींव हैं.
अजितदादा ने अपने कार्यकाल में इस विरासत को संभालकर रखा. दादा ने आगे बढ़कर पुणे के ऐतिहासिक भिड़ेवाड़ा में फुले दंपत्ति के नेशनल मेमोरियल के लिए खास फंड दिए,’ डिप्टी चीफ मिनिस्टर पवार ने कहा.‘राज्य सरकार ‘लेक लड़की’, ‘मुख्यमंत्री माझी लड़की भाई’, यानी फ्री हायर एजुकेशन के ज़रिए महिलाओं को मज़बूत बना रही है. ‘महाराष्ट्र स्टेट वीमेन फार्मर्स एम्पावरमेंट’ पॉलिसी, जो महिलाओं को किसान के तौर पर कानूनी पहचान देती है, एक क्रांतिकारी फैसला है,’ उन्होंने यह भी कहा.‘यूनिवर्सिटी में बनाए गए ज्ञानी ज्ञान शिल्पी स़िर्फ कला के काम नहीं हैं. वे शिक्षा, बराबरी और सामाजिक न्याय का संदेश देते हैं.
वाइस चांसलर डॉ. गोसावी ने कहा, ‘ये मूर्तियां अब स्टूडेंट्स और आम लोगों के देखने के लिए खुली रहेंगी.’ डॉ. संजय चकने ने प्रोग्राम को मॉडरेट किया. डॉ. प्रफुल्ल पवार ने धन्यवाद दिया.यह भी पढ़ें ट्रैफिक जाम और इंडस्ट्रीज़ के रीलोकेशन के बावजूद, पुणे अभी भी ’नंबर वन’ है! इसने मुंबई, दिल्ली और बैंगलोर को पीछे छोड़कर लीड ली.‘सावित्री की बेटी होने पर गर्व है’‘मराठवाड़ा के एक छोटे से गांव में, एक किसान परिवार में पैदा हुई एक लड़की आज राज्य की पहली महिला उप मुख्यमंत्री बन सकी, इसका श्रेय सावित्रीबाई द्वारा जलाई गई ज्ञान की रोशनी को जाता है,’ सुनेत्रा पवार ने कहा.‘30 मिनट में परमिशन’‘यूनिवर्सिटी में सावित्रीबाई फुले की मूर्ति बनाने में आठ साल लगे. इसके लिए 24 परमिशन की ज़रूरत थी. ऐसा सोचा गया था कि ये परमिशन लेने में दो साल लगेंगे. लेकिन, अजीत पवार, जो उस समय पालकमंत्री थे, ने उन्हें 30 मिनट में दिला दिया. राजेश पांडे ने बताया, ’छगन भुजबल ने भी मेमोरियल के लिए फॉलो अप किया.’





