‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर दो करोड़ की ठगी

तीन आरोपी गिरफ्तार, 52.77 लाख का माल जब्त

* नांदुरा के बुजुर्ग नागरिक को पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर ठगा
बुलढाणा/दि.24- पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर नांदुरा के एक बुजुर्ग नागरिक से करीब दो करोड़ रुपये की ठगी करने वाली ‘डिजिटल अरेस्ट’ गैंग का बुलढाणा साइबर पुलिस ने पर्दाफाश किया है. मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. विभिन्न बैंक खातों में जमा रकम समेत 52 लाख 77 हजार रुपये का माल जब्त किया गया है.
आरोपियों ने बुजुर्ग को गंभीर अपराध में फंसाने और गिरफ्तारी के साथ संपत्ति जब्त करने की धमकी दी. इसके बाद उन्हें ऑनलाइन संपर्क में रखकर अलग-अलग बैंक खातों में दो करोड़ रुपये जमा करवाए गए. ठगी का पता चलने पर बुलढाणा साइबर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया. जांच के दौरान पुलिस ने 3 अगस्त को अहिल्यानगर से शुभम नांगल को हिरासत में लिया. उससे मिली जानकारी के आधार पर 13 अगस्त को मुंबई में जाल बिछाया गया. राजस्थान के जोधपुर निवासी धनराज उर्फ रॉबिन विष्णोई (21) और अहिल्यानगर निवासी मुनाफ शेख अनवर शेख (23) पांच लाख रुपये का चेक भुनाने का प्रयास कर रहे थे. पुलिस ने पीछा कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया.

* 52.77 लाख की राशि और माल फ्रीज
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग प्रणाली के जरिए करीब 31 लाख रुपये जब्त किए गए. शुभम के गोल्ड लोन खाते में जमा 14 लाख रुपये और आरोपियों के पास मौजूद पांच लाख रुपये का चेक भी रोका गया. दो मोबाइल की कीमत 1.27 लाख रुपये और एक व्यापारी लेनदेन प्रणाली में 1.50 लाख रुपये समेत कुल 52 लाख 77 हजार रुपये का माल जब्त किया गया है. आरोपियों के बैंक खाते, ई-मेल, मोबाइल नंबर और आर्थिक लेनदेन की कड़ी की जांच जारी है. प्रारंभिक जांच में गैंग का संचालन राजस्थान से होने के संकेत मिले हैं.

* ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं
पुलिस, सीबीआई, सीमा शुल्क विभाग या अदालत वीडियो कॉल के जरिए किसी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती और न ही जांच के नाम पर पैसे मांगती है. ऐसा कॉल आने पर तुरंत संपर्क तोड़कर 1930 पर या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करने की अपील की गई है.

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