‘मुझे मेरा बच्चा वापिस लाकर दो’
नवप्रसूता माताओं के विलाप से दहला डफरीन अस्पताल

* बच्चों के शव पोस्टमार्टम के लिए ले जाते समय फूट-फूटकर रो पड़े परिजन
अमरावती/दि.24 – अमरावती के जिला स्त्री अस्पताल यानी डफरीन अस्पताल के नवजात शिशु अतिदक्षता विभाग (एनआयसीयू) में सोमवार तड़के लगी भीषण आग के बाद अस्पताल परिसर में जो दृश्य देखने को मिला, उसने हर किसी की आंखें नम कर दीं. आग की घटना में तीन नवजात शिशुओं की मौत के बाद उनकी माताओं और परिजनों का दर्द, चीखें और विलाप सुनकर अस्पताल में मौजूद लोगों का कलेजा कांप उठा. ‘हमारा बच्चा वापिस लाकर दो’, ‘मुझे मेरा बच्चा लाकर दो’ जैसी दर्दभरी पुकारों से अस्पताल परिसर गूंज उठा. जिन माताओं ने कुछ दिन पहले ही अपने बच्चों को जन्म दिया था, वे अपने मासूमों के निर्जीव शरीर देखकर बदहवास हो गईं. उनके आंसुओं और चीखों ने वहां मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया.
आज तडके डफरीन अस्पताल में घटित भीषण अग्निकांड में मारे गए तीन नवजात मासूमों ने अभी ठीक से आंखें भी नहीं खोली थीं और दुनिया को देखने से पहले ही इस दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए. इस घटना के बाद जब मृत नवजातों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए इरविन अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई तो परिजनों का दर्द और अधिक छलक पड़ा. माताएं और परिजन शवों से लिपटकर रोने लगे और उन्हें ले जाने का विरोध करने लगे. हमारा बच्चा हमें वापस दे दो, पोस्टमार्टम के लिए मत ले जाओ जैसी करुण पुकारों के बीच कई परिजन फूट-फूटकर रो पड़े. अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं. कई स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मी भी इस दर्दनाक दृश्य को देखकर भावुक हो गए. मृत बच्चों के परिजनों का आक्रोश और दर्द देखकर पूरे अस्पताल परिसर में शोक का माहौल छा गया. कई लोग इस घटना को केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की गंभीर विफलता बता रहे हैं.
* अस्पताल परिसर में भारी भीड़, पुलिस बंदोबस्त तैनात
घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में नागरिक, जनप्रतिनिधि और मृत बच्चों के रिश्तेदार अस्पताल पहुंचने लगे. स्थिति को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अस्पताल परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया.





