अमरावती एनआईसीयू हादसा : सरकार क्या प्रायश्चित करेगी?

फडणवीस पूरी जिम्मेदारी लें - हर्षवर्धन सपकाल

बुलढाणा,/दि.24- 24 अगस्त. अमरावती जिला महिला अस्पताल के नवजात शिशु अतिदक्षता विभाग (एनआईसीयू) में वेंटिलेटर में विस्फोट के बाद तीन नवजात बच्चों की मौत के मामले को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि इस घटना की पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को स्वीकार करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.
सपकाल ने आरोप लगाया कि अमरावती की घटना कहीं न कहीं भ्रष्टाचार से जुड़ी हो सकती है. उन्होंने सवाल उठाया कि इस गंभीर घटना के लिए सरकार क्या प्रायश्चित करेगी. उन्होंने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री कौन हैं, यह तक जनता को पता नहीं है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ही सरकार के सर्वेसर्वा हैं, इसलिए उन्हें इस मामले की पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए. साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से पूर्णकालिक गृहमंत्री नियुक्त करने की मांग भी की.
* दोषियों को बचाने का प्रयास न हो
हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि सरकार को इस अग्निकांड के दोषियों को बचाने का प्रयास नहीं करना चाहिए. उन्होंने आशंका जताई कि मुख्य दोषियों को बचाकर किसी निर्दोष व्यक्ति को मामले में फंसाया जा सकता है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.
* महिला और बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
सपकाल ने कहा कि राज्य में एक के बाद एक गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं. राहुल गांधी ने कुछ दिन पहले महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था, लेकिन सरकार और मुख्यमंत्री ने इस पर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया. अब अमरावती की घटना के बाद एक बार फिर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा का सवाल गंभीर रूप से सामने आया है.
* फायर ऑडिट और सुरक्षा जांच की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अस्पताल में विस्फोट आखिर किस कारण से हुआ, इसकी गहन जांच होनी चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि अस्पताल में सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं, किसी प्रकार का घोटाला हुआ था या नहीं और अस्पताल का फायर ऑडिट किया गया था या नहीं. इन सभी सवालों के जवाब तत्काल सामने आने चाहिए. उन्होंने कहा कि नवजात बच्चों को बचाने के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था की कथित कमी के कारण उनकी जान चली गई. यह स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही है और मृत बच्चों की मौत की जिम्मेदारी तय होनी ही चाहिए.
* सभी अस्पतालों का फायर और मेडिकल उपकरण ऑडिट हो
सपकाल ने मांग की कि अमरावती की घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. इसके साथ ही महाराष्ट्र के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों का तत्काल फायर ऑडिट तथा मेडिकल उपकरणों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. उन्होंने मृत नवजात बच्चों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की. साथ ही घायल बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की.

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