जब-जब सरकार डरती हैं, पुलिस को आगे करती हैं’

स्वास्थ्य आयुक्त काटकर का तगडा विरोध‘

* शिवसेना उबाठा का डफरीन परिसर में आंदोलन
* विधायक नितिन बापू देशमुख, विधायक गजानन लवटे के नेतृत्व में जमकर प्रदर्शन
अमरावती/दि.26 – शिवसेना उबाठा ने आज दोपहर प्रदेश के स्वास्थ्य आयुक्त आयएएस संजय काटकर के डफरीन अस्पताल पहले न पहुंचने की घटना का जोरदार विरोध किया. आज शिवसेना की बडी नेता सुषमा अंधारे और दोनों विधायक नितिन बापू देशमुख और गजानन लवटे डफरीन जिला स्त्री अस्पताल में दो रोज पहले हुई नवजातों की मौत की दुर्भाग्यजनक घटना के सिलसिले में पहुंची थी. आज ही राज्यस्तरीय जांच समिति के प्रमुख के रुप में स्वास्थ्य आयुक्त संजय काटकर आनेवाले थे. किंतु अंधारे और अन्य लीडर्स तीन घंटे वहां मौजूद रहे, फिर भी काटकर नहीं पहुंचे.
ऐसे में शिवसेना पदाधिकारियों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाकर आंदोलन किया. विधायक नितिन देशमुख और विधायक गजानन लवटे के साथ ही जिला प्रमुख पराग गुडधे, शहर प्रमुख प्रवीण हरमकर, नगरसेवक संजय गव्हाले, महिला आघाडी की पदाधिकारी, एपीएमसी संचालक नाना नागमोते, शिवसेना पदाधिकारी मनोज कडू, श्रीकांत शर्मा, प्रतिभा बोपशेट्टी सहित अनेकानेक ने आंदोलन का नेतृत्व किया. ‘जब-जब सरकार डरती हैं, पुलिस को आगे करती हैं’ का नारा लगाया गया. नारों की तख्तियां भी लहराई गई. मीडिया से बातचीत में सुषमा अंधारे ने आरोप लगाया कि, सत्ता पक्ष की गलती के कारण डफरीन का भीषण हादसा हुआ. अब अफसरान पहुंच रहे हैं. उनसे विपक्ष के नेताओं को नहीं मिलने दिया जा रहा. उसी प्रकार पुलिस और सुरक्षा बलों को सरकार आगे कर रही है. यह सरासर सरकार का खौफ है.
उधर जिला शल्य चिकित्सक डॉ. विनोद पवार ने शिवसेना उबाठा विधायकों और नेताओं से मिलकर उनके कई सवालों के जवाब देने का प्रयत्न किया. उन्हें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम दो पेज का अल्टीमेटम और निवेदन दिया गया. निवेदन पर जिला प्रमुख पराग गुडधे, मनोज कडू, प्रफुल्ल भोजने, सागर पुरी, प्रवीण हरमकर, मनीषा टेंभरे, ज्योति औगड, सृष्टि वाघमारे के भी हस्ताक्षर है. शिवसेना ने निवेदन में कई प्रश्न उठाए हैं. मुख्य मुद्दा वेंटिलेटर का ऑडिट की समय-सीमा खत्म होने, 2022 में भी इसी प्रकार की घटना के बावजूद उसी कंपनी को ठेका देने अब उस कंपनी को काली सूची में डालकर सदोष मनुष्यवध का अपराध दर्ज करने, अस्पताल में स्थायी इलेक्ट्रीकल इंजीनियर की नियुक्ति करने, अनुभवी डॉक्टरों के अभाव में भविष्य में भी बडा हादसा होने की आशंका को देखते हुए उपाययोजना किए जाने की मांग शिवसेना उबाठा ने जोरदार अंदाज में रखी. उन्होंने डफरीन हादसे पर कई सवाल भी उठाए. वेंटिलेटर शिल्लर कंपनी के रहने का दावा किया गया है. वह कब खरीदे गए, उनके मेंटेनन्स का कोई रिकॉर्ड सरकार के पास है क्या? एनआईसीयू जैसे ऑक्सीजन समृद्ध वातावरण में ऐसे उपकरणों की सुरक्षा जांच नियमित रुप से की जाती है या नहीं, इसकी भी जानकारी शिवसेना ने शासन-प्रशासन से मांगी है. मुख्यमंत्री के नाम दिए गए निवेदन में सोमवार तडके की आग में मौत का ग्रास बने शिशुओं के परिवारों को न्याय देने की मांग शिवसेना ने की.

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