गणेशोत्सव के लिए मंडप अनुमति प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
अमरावती मनपा की जोरदार तैयारी

* बड़े गणपति विसर्जन के लिए प्रथमेश तालाब व छत्री तालाब पर व्यवस्था
* घर-घर के विसर्जन के लिए शहर में बनेंगे कृत्रिम तालाब
अमरावती/दि.1- आगामी गणेशोत्सव को देखते हुए अमरावती मनपा ने उत्सव के दौरान नागरिकों को सुरक्षित और सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं. मनपा आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में गणेश मंडलों को मंडप अनुमति, विसर्जन व्यवस्था, स्वच्छता, यातायात नियंत्रण, अग्निसुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई.
गणेश मंडलों को अनुमति लेने में होने वाली परेशानी कम करने के लिए इस बार गणेश मंडल पंजीयन और मंडप अनुमति की प्रक्रिया ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया है. आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इसके लिए ऑनलाइन प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए हैं. नई ऑनलाइन व्यवस्था के तहत गणेश मंडलों को मंडल का नाम, आयोजकों की जानकारी, मंडप का पूरा पता, विभिन्न सरकारी विभागों से आवश्यक अनुमतियों की जानकारी, सुरक्षा व्यवस्था तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित विवरण ऑनलाइन उपलब्ध कराना होगा. संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद अनुमति देने की व्यवस्था की जाएगी. ऑनलाइन पंजीयन शुरू होने से शहर के सभी गणेश मंडलों की अधिकृत जानकारी मनपा के पास उपलब्ध रहेगी. इससे प्रशासन को गणेशोत्सव के दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं की योजना बनाने में भी सुविधा होगी. बैठक में अतिरिक्त आयुक्त महेश देशमुख, अतिरिक्त आयुक्त शिल्पा नाईक, उपायुक्त नरेंद्र वानखडे, उपायुक्त भाग्यश्री बोरेकर, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारी से. दे. पाटील, जितेंद्र पुरते, डॉ. प्रियश्री देशमुख, सहायक आयुक्त नंदकिशोर तिखिले, भूषण पुसतकर, नितीन बोबडे, धनंजय शिंदे, मनोज शहाळे, श्रीकांतसिंह चव्हाण, वैद्यकीय स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विशाल काळे, वैद्यकीय अधिकारी डॉ. अजय जाधव, सिस्टम मैनेजर अमित डेंगरे सहित मनपा के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी तथा पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि उपस्थित थे.
* बड़े गणपति विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्था
गणेश विसर्जन की व्यवस्था को लेकर बैठक में विशेष जोर दिया गया. सहायक आयुक्त नितीन बोबडे ने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह प्रथमेश तालाब और छत्री तालाब पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन की व्यवस्था की जाएगी. इसके अलावा छत्री तालाब में बड़ी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए कृत्रिम तालाब तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, घरेलू गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए शहर के विभिन्न हिस्सों में कृत्रिम तालाब और आर्टिफिशियल टैंक बनाने की योजना है. इससे नागरिकों को दूर स्थित विसर्जन स्थलों पर जाने की आवश्यकता कम होगी और भीड़ नियंत्रण में भी प्रशासन को मदद मिलेगी.
* विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं
विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त रोशनी, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं. आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे. पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नागरिकों को कृत्रिम विसर्जन टैंकों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों की मौजूदगी में पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव के लिए आवश्यक उपायों पर भी चर्चा की गई.
* यातायात और स्वच्छता पर भी नजर
गणेश मंडपों के कारण प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए मंडप स्थल, यातायात मार्ग, पार्किंग तथा विसर्जन जुलूस के मार्ग का समन्वय से नियोजन करने के निर्देश दिए गए हैं. मनपा ने उत्सव के दौरान मंडप परिसरों और विसर्जन स्थलों पर नियमित सफाई तथा विसर्जन के बाद जमा होने वाले कचरे को तत्काल हटाने की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं.
* अग्निसुरक्षा को प्राथमिकता
गणेश मंडपों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है. इसे देखते हुए अग्निसुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं. मंडपों की विद्युत व्यवस्था सुरक्षित रखने, आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए पर्याप्त मार्ग उपलब्ध कराने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया. अग्निशमन, स्वास्थ्य, अतिक्रमण, बाजार व लाइसेंस विभाग तथा पुलिस प्रशासन को आपसी समन्वय के साथ गणेशोत्सव की व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश आयुक्त ने दिए.
* मनपा के सभी विभागों को समय पर तैयारी पूरी करने के निर्देश
आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले ने कहा कि गणेशोत्सव नागरिकों की आस्था और उत्साह का प्रमुख पर्व है. इसलिए कानून-व्यवस्था, यातायात, स्वच्छता, स्वास्थ्य, अग्निसुरक्षा और पर्यावरण से संबंधित सभी व्यवस्थाओं का बेहतर समन्वय जरूरी है. सभी विभाग अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार समय पर तैयारियां पूरी करें. मंडल पंजीयन और मंडप अनुमति से गणेश मंडलों को राहत मिलने की उम्मीद है. वहीं कृत्रिम तालाब और आर्टिफिशियल टैंक की व्यवस्था से घरेलू गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को भी सुविधाजनक बनाया जाएगा. इस प्रकार अमरावती मनपा ने सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं.





