अब एसटी के प्रचार में सोशल मीडिया पर एक्टिव कर्मचारी निभाएंगे अहम भूमिका

फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब के जरिए यात्रियों तक पहुंचाई जाएगी योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी

अमरावती /दि.2- ड्यूटी के दौरान रील और वीडियो बनाने पर रोक लगाने वाले राज्य परिवहन निगम ने अब अपनी योजनाओं और यात्री सुविधाओं के प्रचार के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेने का फैसला किया है. एसटी की विभिन्न रियायतों, नए बस मार्गों, यात्री सुविधाओं और जनसेवा से जुड़ी पहलों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पर सक्रिय कर्मचारियों की मदद ली जाएगी.
फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से यात्रियों को एसटी की विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी. इसके साथ ही निगम यात्रियों से सीधे संवाद स्थापित करने और सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने का प्रयास करेगा.

* अधिक फॉलोअर्स वाले कर्मचारियों को मिलेगा मौका
इस पहल के लिए ऐसे अधिकारी और कर्मचारी चुने जाएंगे, जो सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय हैं और जिनके सोशल मीडिया अकाउंट पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं. डिजिटल कंटेंट बनाने का अनुभव रखने वाले कर्मचारियों को भी इस अभियान में अवसर दिया जाएगा.

* जिले में 2300 अधिकारी-कर्मचारी
अमरावती जिले में एसटी महामंडल के करीब 2300 अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं. निगम ने सोशल मीडिया पर सक्रिय कर्मचारियों से इस पहल में शामिल होने के लिए आवेदन करने की अपील की है. इच्छुक कर्मचारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आवेदन जमा करना होगा.

* आवेदन में देनी होगी सोशल मीडिया की जानकारी
इच्छुक कर्मचारियों को आवेदन के दौरान अपने सोशल मीडिया हैंडल का नाम, इस्तेमाल किए जाने वाले प्लेटफॉर्म, फॉलोअर्स की संख्या और डिजिटल कंटेंट निर्माण से संबंधित अनुभव की जानकारी देनी होगी. इसके आधार पर सक्रिय कर्मचारियों की जानकारी एकत्र कर सरकार को भेजी जाएगी.

* पहले ऑन-ड्यूटी रील पर लगाई गई थी रोक
गौरतलब है कि एसटी महामंडल ने पहले ड्यूटी के दौरान रील और वीडियो बनाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया था. कुछ कर्मचारियों द्वारा ड्यूटी के समय अथवा वर्दी में गैरकानूनी तरीके से रील बनाए जाने की शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया था. अब निगम आधिकारिक प्रचार के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को प्रोत्साहित कर रहा है.

* भ्रामक और गैरकानूनी कंटेंट पर रोक
सोशल मीडिया अभियान के दौरान कर्मचारियों को प्रशासनिक नियमों का पालन करना होगा. भ्रामक, आपत्तिजनक अथवा गैरकानूनी वीडियो और सामग्री पोस्ट करने की अनुमति नहीं होगी. निगम की छवि और नियमों को ध्यान में रखते हुए ही डिजिटल कंटेंट तैयार करना होगा. सचिन क्षीरसागर, विभाग नियंत्रक ने बताया कि सरकार ने इस संबंध में जानकारी मांगी है. इसके अनुसार जिले में सोशल मीडिया पर सक्रिय कर्मचारियों की जानकारी एकत्र कर सरकार को भेजी जाएगी.

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