नेपाल से कंचन पांडे की हुई सकुशल वापसी

कल रात काठमांडू से रवाना होकर पहुंची दिल्ली

* आज तडके दिल्ली से नागपुर विमानतल पर पहुंची
* नागपुर से सडक मार्ग के जरीए अमरावती हुआ आना
* कंचन पांडे की स्वकुशल वापसी से परिवार हुआ हर्षित
* नेपाल में आयी बाढ के चलते तीन दिन वापसी टली थी आगे
* 17 अगस्त को 57 यात्रियों के दल के साथ हुई थी अमरावती से रवाना
* बाढ आने से पहले ही काठमांडू से कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर यात्री दल बढ गया था आगे
अमरावती/दि.2 – नेपाल में आयी प्रलयंकारी बाढ के चलते वहां पर अटकी रहनेवाली अमरावती निवासी कंचन विलास पांडे की आज सकुशल अमरावती स्थित उनके घर पर वापसी हो गई. कंचन पांडे को अपने बीच सकुशल व सुरक्षित पाकर उनका पूरा परिवार काफी हर्षित हुआ और सभी ने राहत की सांस ली. खुद कंचन पांडे ने अपनी इस यात्रा को रोमांचक व अविस्मरणीय अनुभव बताया.
बता दे कि, अमरावती निवासी कंचन विलास पांडे विगत 17 अगस्त को कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर रवाना हुई थी. जिसके लिए नागपुर से दिल्ली होते हुए वे 57 सहयात्रियों के दल के साथ काठमांडू पहुंची थी. जहां पर पशुपतीनाथ मंदिर में दर्शन करने के उपरांत कंचन पांडे और उनके सहयात्रियों का दल कैलाश-मानसरोवर की यात्रा के लिए भारत-चीन सीमा की ओर आगे बढ गया. जिसके कुछ दिन बाद नेपाल में बाढ की भयावह त्रासदी आयी. सौभाग्य से कंचन पांडे और उनके सहयात्रियों का दल बाढ से कुछ दिन पहले ही काठमांडू से निकलकर नेपाल से आगे बढ गए थे. जिसके चलते वे बाढ की त्रासदी का शिकार होने से बच गए. हालांकि इस बाढ के बाद उपजे हालात की वजह से उनकी यात्रा काफी हद तक प्रभावित हुई.
जानकारी के मुताबिक, 17 अगस्त को नागपुर से रवाना हुए इस यात्री दल को कैलाश-मानसरोवर की यात्रा पूरी कर 29 अगस्त को अमरावती वापिस लौट आना था. लेकिन इस दौरान नेपाल में आयी भयावह प्राकृतिक आपदा के चलते काठमांडू से दिल्ली सहित अन्य सभी देशों व शहरों के लिए निकलनेवाली हवाई उडाने रद्द कर दी गई थी तथा उस प्रलयंकारी बाढ को नेपाल सरकार द्वारा राष्ट्रीय आपदा घोषित किया गया था. ऐसे में कैलाश -मानसरोवर की यात्रा पूरी करने के बावजूद यह यात्री दल अन्य पर्यटकों के साथ भारत-चीन सीमा पर स्थित कोदारी चेकपोस्ट पर अटका रहा और कोदारी चेकपोस्ट के सीमीत तौर पर शुरू होने के चलते यात्रियों को काठमांडू एयरपोर्ट तक पहुंचने में काफी समस्याओं का सामना करना पडा. इस दौरान नेपाल में फंसे महाराष्ट्र के अन्य पर्यटकों के साथ-साथ अमरावती निवासी पांडे परिवार ने जिला प्रशासन, राज्य आपदा प्रबंधन विभाग, मुंबई मंत्रालय तथा मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क साधते हुए इस बारे में जानकारी दी. इसी दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद इस मामले में व्यक्तिगत तौर पर ध्यान देते हुए नेपाल में फंसे राज्य के पर्यटकों को वापिस लाने हेतु तमाम आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए थे. जिसके लिए केंद्र सरकार के जरीए नेपाल स्थित भारतीय दुतावास से संपर्क किया गया और फिर नेपाल में अलग-अलग जगहों पर फंसे महाराष्ट्र के पर्यटकों की वापसी सुनिश्चित की गई. जिसके तहत अमरावती निवासी कंचन पांडे और उनके सहयात्रियों के दल ने बीती रात काठमांडू के त्रिभुवन हवाई अड्डे से नई दिल्ली के लिए उडान भरी और आधी रात के आसपास यात्रियों का यह दल दिल्ली हवाई अड्डे पर पहुंचा. जहां से कंचन पांडे ने नागपुर की फ्लाईट पकडी और वे आज तडके करीब 5 बजे के आसपास नागपुर एयरपोर्ट पहुंंची तथा वहां से सडक मार्ग के जरीए रवाना होकर सुबह करीब 10 बजे वे अमरावती स्थित अपने घर पर पहुुंची. जहां पर पांडे परिवार के सदस्यों द्वारा उनका भावविव्हल होकर स्वागत किया.
पिछले कुछ दिनों के अनुभवों को याद करते हुए नेपाल से वापिस लौटी कंचन पांडे तथा उनके पति विलास पांडे ने बताया कि, भले ही कंचन पांडे और उनके सहयात्रियों का दल उस भयावह बाढ से पहले ही नेपाल से आगे रवाना हो चुके थे. लेकिन उस दौरान जिस तरह के हालात बने थे, वे अपने आप में काफी भयावह थे. यद्यपि उस समय स्थिती काफी विपरीत थी. लेकिन उन्हें खुशी है कि, कंचन पांडे की कैलाश मानसरोवर यात्रा सफलतापूर्वक पूरी हुई और वे सकुशल अपने घर वापिस भी लौट आयी. पांडे दम्पति ने इस दौरान महाराष्ट्र के फडणवीस सरकार सहित जिला प्रशासन द्वारा दिए गए सहयोग के लिए अनेकों आभार भी ज्ञापित किए. साथ ही कहा कि, इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसी संकटमोचन की भूमिका निभाई है.

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