सावधान! महावितरण सार्वजनिक करेगा बिजली चोरों की पहचान
बिजली चोरी रोकने के लिए हर कनेक्शन पर नजर, पांच महीने में 2,350 मामले उजागर

अमरावती/दि.7– बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए महावितरण ने अब सख्त रुख अपनाने का निर्णय लिया है. बिजली चोरी करते पकड़े जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करने के साथ ही उसका नाम और पता सार्वजनिक किया जाएगा. महावितरण ने बिजली चोरी के खिलाफ अभियान और तेज कर दिया है.
महावितरण अमरावती परिमंडल में पिछले पांच महीनों के दौरान 2,350 बिजली चोरी के मामले उजागर किए गए हैं, जिनमें लगभग 4 करोड़ 51 लाख रुपये की बिजली चोरी सामने आने की जानकारी दी गई है. इसके बाद बिजली चोरी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए महावितरण ने अपनी कार्रवाई और अधिक तेज करने का फैसला किया है. इसके तहत स्थानीय उपविभाग, विभाग तथा उड़न दस्तों की अलग-अलग टीमें गठित कर उन्हें बिजली चोरी पकड़ने का लक्ष्य दिया गया है. इन टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में बिजली कनेक्शनों की जांच और संदिग्ध मामलों की पड़ताल की जा रही है.
* अवैध कनेक्शन से जान-माल को खतरा
महावितरण के अनुसार बिजली चोरी और अनधिकृत बिजली कनेक्शन के कारण शॉर्ट सर्किट, ट्रांसफॉर्मर में खराबी तथा आग जैसी गंभीर दुर्घटनाएं होने की आशंका रहती है. इससे महावितरण को आर्थिक नुकसान होने के साथ ही नागरिकों की जान को भी खतरा पैदा हो सकता है. बिजली वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से महावितरण ने सख्त नीति अपनाने का निर्णय लिया है.
* तीन साल तक की सजा का प्रावधान
बिजली चोरी गंभीर अपराध है और कानून में इसके लिए तीन वर्ष तक के कारावास तथा जुर्माने का प्रावधान है. वर्तमान में बकाया बिल के कारण बिजली आपूर्ति काटे गए कनेक्शनों की विशेष जांच भी की जा रही है. जांच के दौरान यदि बकायादारों द्वारा किसी अन्य स्थान से अनधिकृत रूप से बिजली का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है. महावितरण के मुख्य अभियंता दिलीप दोडके ने बिजली उपभोक्ताओं से केवल अधिकृत कनेक्शन के माध्यम से बिजली का उपयोग करने और बिजली चोरी से दूर रहने की अपील की है. महावितरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अब प्रत्येक बिजली कनेक्शन पर निगरानी रखी जा रही है.





