मोर्शी तहसील में सुसज्जित वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर का निर्माण करें

बाघिन की मौत की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग

* वनमंत्री गणेश नाईक को राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन
मोर्शी /दि.10– मोर्शी-चांदूरबाजार तहसील क्षेत्र में रेस्क्यू अभियान के दौरान एक बाघिन की मौत होने की घटना से वन्यजीव प्रेमियों और नागरिकों में चिंता का माहौल है. इस गंभीर मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए. साथ ही मोर्शी तहसील में सुसज्जित वन्यजीव रेस्क्यू एवं उपचार केंद्र स्थापित किया जाए, ऐसी मांग राष्ट्रवादी युवक कांग्रेस के तहसील अध्यक्ष रुपेश वालके ने राज्य के वनमंत्री गणेश नाईक से ज्ञापन के माध्यम से की है.
बाघिन को बेहोश करने के लिए डार्ट किए जाने के बाद उसकी मौत होने की जानकारी सामने आई है. ऐसे में रेस्क्यू अभियान के दौरान किस कार्यप्रणाली का पालन किया गया, डार्ट की मात्रा उचित थी या नहीं, प्रशिक्षित वन्यजीव पशु चिकित्सक मौके पर मौजूद थे या नहीं तथा बाघिन को बेहोश करने के बाद उसे आवश्यक चिकित्सकीय उपचार और देखभाल उपलब्ध कराई गई थी या नहीं, इसकी गहन जांच की जाए, ऐसी मांग ज्ञापन में की गई है. रेस्क्यू अभियान की योजना और कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए वालके ने कहा कि वन्यजीव को बचाना ही अभियान का उद्देश्य था, तो पूरी प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से क्यों नहीं अपनाई गई? अभियान के दौरान लिए गए निर्णय, संबंधित अधिकारी-कर्मचारी तथा रेस्क्यू संस्था की भूमिका की भी जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए.
* मोर्शी में ही मिले रेस्क्यू और उपचार की सुविधा
मोर्शी तहसील क्षेत्र में लगातार वन्यप्राणियों के मानव बस्तियों में प्रवेश करने की घटनाएं सामने आ रही हैं. ऐसी स्थिति में मोर्शी में ही सुसज्जित वन्यजीव रेस्क्यू एवं उपचार केंद्र स्थापित करना बेहद जरूरी है. घायल वन्यजीवों को रेस्क्यू के बाद दूरस्थ स्थानों पर ले जाने में समय लगता है, जिससे उनके उपचार में देरी होने की आशंका रहती है. इसलिए मोर्शी में प्रशिक्षित वन्यजीव पशु चिकित्सक, रेस्क्यू वाहन, आवश्यक चिकित्सा उपकरण, प्रशिक्षित शूटर तथा रैपिड रिस्पांस टीम की स्थायी व्यवस्था की जाए, ऐसी मांग भी वनमंत्री गणेश नाईक से की गई है. वन्यजीवों का संरक्षण केवल कागजों तक सीमित जिम्मेदारी नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई देना चाहिए. एक बाघिन की मौत गंभीर मामला है. भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए, ऐसी मांग रुपेश वालके ने की है. अब वनमंत्री गणेश नाईक इस गंभीर मामले का कितना संज्ञान लेते हैं और संबंधित वन विभाग को क्या निर्देश देते हैं, इस पर अमरावती जिले के नागरिकों और वन्यजीव प्रेमियों की नजर बनी हुई है.

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