महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच सीटों पर सियासी संग्राम तेज

अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में महायुति के सामने सबसे बड़ा पेच

* चार अन्य सीटों पर भी गठबंधनों के भीतर दावेदारी और सीट बंटवारे की परीक्षा
अमरावती/दि.2- महाराष्ट्र विधान परिषद की दो शिक्षक और तीन स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 अक्तूबर को होने जा रहे द्विवार्षिक चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. अमरावती, नागपुर, पुणे और छत्रपति संभाजीनगर संभागों में शिक्षक एवं स्नातक मतदाताओं के बीच होने वाला यह चुनाव अब केवल संबंधित शिक्षक-स्नातक संगठनों तक सीमित नहीं रह गया है. प्रमुख राजनीतिक दलों और गठबंधनों की सक्रियता से पांचों सीटों पर मुख्यधारा की राजनीति का प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है.
इस समय अमरावती विभाग शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सबसे अधिक चर्चा में है. महायुति में इस सीट के शिवसेना के शिंदे गुट के हिस्से में जाने के संकेतों के बीच वर्तमान विधायक किरण सरनाईक और पूर्व विधायक प्रा. श्रीकांत देशपांडे की दावेदारी आमने-सामने है. दूसरी ओर कांग्रेस ने प्रा. अदिती पोहरे को उम्मीदवार घोषित कर मुकाबले का एक प्रमुख चेहरा सामने कर दिया है. प्रा. देशपांडे ने पार्टी की ओर से तथा निर्दलीय, दो नामांकन दाखिल कर यह संकेत भी दिया है कि अधिकृत उम्मीदवारी नहीं मिलने की स्थिति में भी वे मैदान में बने रहेंगे. राज्य की अन्य चार सीटों पर भी महायुति और महाविकास आघाड़ी के भीतर सीट बंटवारे, उम्मीदवार चयन और संगठनात्मक समन्वय को लेकर गतिविधियां चल रही हैं. इसलिए इस बार का चुनाव उम्मीदवारों के साथ-साथ दोनों गठबंधनों के आंतरिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
* 29 सितंबर से चुनाव प्रक्रिया शुरू
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार पांचों सीटों के लिए अधिसूचना 29 सितंबर को जारी हो चुकी है. नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्तूबर, नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्तूबर और नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्तूबर है. मतदान 23 अक्तूबर को सुबह 8 से शाम 4 बजे तक होगा, जबकि मतगणना 27 अक्तूबर को की जाएगी.

* अमरावती में महायुति के सामने दावेदारी का पेंच
अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में वर्ष 2020 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए किरण सरनाईक अब शिवसेना के शिंदे गुट के साथ हैं. सीट महायुति में शिंदे गुट के हिस्से में जाने की चर्चा के बीच सरनाईक की उम्मीदवारी को लेकर गतिविधियां तेज हैं. हालांकि अंतिम आधिकारिक घोषणा की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है. इसी बीच पूर्व विधायक प्रा. श्रीकांत देशपांडे ने दो नामांकन दाखिल किए हैं. उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इनमें एक पार्टी समर्थित और दूसरा निर्दलीय नामांकन है. देशपांडे ने संकेत दिया है कि अधिकृत उम्मीदवारी नहीं मिलने पर भी वे चुनाव से पीछे नहीं हटेंगे. इससे महायुति के सामने उम्मीदवार चयन के साथ ही गठबंधन के भीतर संभावित समानांतर दावेदारी का प्रश्न भी खड़ा हो गया है.

* कांग्रेस ने अदिती पोहरे को मैदान में उतारा
कांग्रेस ने अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रा. अदिती पोहरे को उम्मीदवार घोषित किया है. पोहरे के शिक्षा क्षेत्र से जुड़े होने के कारण शिक्षक मतदाताओं के बीच उनकी उम्मीदवारी चर्चा में है. इस घोषणा के साथ अमरावती में मुकाबले का एक प्रमुख विपक्षी चेहरा स्पष्ट हो गया है. वर्ष 2020 के चुनाव में किरण सरनाईक ने प्रा. श्रीकांत देशपांडे को हराया था. इस बार दोनों की राजनीतिक स्थिति बदल चुकी है. सरनाईक शिंदे गुट के साथ हैं, देशपांडे अपनी दावेदारी पर कायम हैं और कांग्रेस ने पोहरे को उम्मीदवार बनाया है. इसलिए पिछली चुनावी परिस्थितियों को इस बार के समीकरणों का सीधा आधार मानना संभव नहीं होगा.
* पांचों सीटों पर गठबंधनों की अलग-अलग चुनौती


– छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
वर्तमान सदस्य सतीश चव्हाण की दावेदारी के बीच महायुति में यह सीट राष्ट्रवादी कांग्रेस के अजित पवार गुट को मिलने की चर्चा है. भाजपा के स्थानीय इच्छुकों की सक्रियता के कारण यहां भी गठबंधन के भीतर समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा.


– नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
कांग्रेस के अभिजीत वंजारी वर्तमान सदस्य हैं और उनकी उम्मीदवारी को लेकर कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट बताई जा रही है. दूसरी ओर यह सीट महायुति के संभावित सीट बंटवारे में भाजपा के हिस्से में जाने की चर्चा है. वर्ष 2020 में वंजारी ने भाजपा के संदीप जोशी को हराया था. इस पृष्ठभूमि के कारण नागपुर सीट पर दोनों प्रमुख दलों की गतिविधियां तेज हैं.


– पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र
वर्तमान सदस्य अरुण लाड राष्ट्रवादी कांग्रेस के शरदचंद्र पवार गुट से जुड़े हैं. महायुति में इस सीट पर भाजपा की दावेदारी की चर्चा है, जिससे यहां भी गठबंधन आधारित मुकाबले के साथ स्थानीय राजनीतिक समीकरण महत्वपूर्ण होंगे.


– पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र
महायुति के भीतर इस सीट को लेकर सबसे अधिक पेच बताया जा रहा है. भाजपा और शिवसेना के शिंदे गुट दोनों की दावेदारी चर्चा में है. दूसरी ओर महाविकास आघाड़ी में कांग्रेस के जयंत आसगांवकर की उम्मीदवारी प्रमुख मानी जा रही है. इसलिए पुणे शिक्षक सीट पर महायुति के आंतरिक समन्वय की विशेष परीक्षा होगी.                                                                                                              * अमरावती पर विशेष नजर क्यों?
अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में इस बार तीन स्तरों पर राजनीतिक गतिविधियां दिखाई दे रही हैं. एक ओर महायुति में सीट और अधिकृत उम्मीदवार का प्रश्न है, दूसरी ओर वर्तमान विधायक किरण सरनाईक और प्रा. श्रीकांत देशपांडे की दावेदारी है, जबकि कांग्रेस ने अदिती पोहरे को मैदान में उतार दिया है. शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता विधानसभा चुनाव के सामान्य मतदाता से अलग होता है. ऐसे में शिक्षक संगठनों से संपर्क, शैक्षणिक प्रश्न, पुरानी सांगठनिक पकड़, व्यक्तिगत संपर्क और उम्मीदवार की स्थानीय स्वीकार्यता जैसे मुद्दे चुनावी अभियान में महत्वपूर्ण रहेंगे. वर्ष 2020 की चुनावी पृष्ठभूमि भी इस बार के समीकरणों की चर्चा में बार-बार सामने आ रही है.
* मतदाता सूची की शुद्धता भी मुद्दा
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में मराठी भाषा के स्वचालित अनुवाद से एक मतदाता के नाम में असामान्य बदलाव सामने आने का मामला भी हाल में चर्चा में रहा. संबंधित अधिकारी ने इसे यूनिकोड आधारित स्वचालित अनुवाद की त्रुटि बताया और सुधार किए जाने की जानकारी दी. इससे शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची की शुद्धता का महत्व एक बार फिर सामने आया है.
* 9 अक्तूबर के बाद तस्वीर होगी साफ
फिलहाल पांचों सीटों पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं, लेकिन अंतिम चुनावी तस्वीर 9 अक्तूबर को नाम वापसी की अवधि समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगी. विशेष रूप से अमरावती में सरनाईक और देशपांडे की दावेदारी, कांग्रेस की अदिती पोहरे की उम्मीदवारी तथा गठबंधन के भीतर उम्मीदवारों के बीच समन्वय पर नजर रहेगी. इस चुनाव में पांच सीटों पर मुकाबले के साथ-साथ महायुति और महाविकास आघाड़ी के भीतर सीट बंटवारे तथा संगठनात्मक समन्वय की भी परीक्षा होगी. अंतिम उम्मीदवार सूची सामने आने के बाद ही पांचों निर्वाचन क्षेत्रों में वास्तविक मुकाबले की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी.

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