किशोरवयीन विद्यार्थियों को जीवन कौशल का मार्गदर्शन

समुपदेशक श्रीकांत गोहाड ने शारीरिक, बौद्धिक और मानसिक बदलावों की दी जानकारी

मोर्शी /दि.14- स्थानीय जिजामाता माध्यमिक विद्यालय एवं कनिष्ठ महाविद्यालय में शारदोत्व के अवसर पर किशोरवयीन जीवन कौशल शिक्षा उपक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान मोर्शी के उपजिला अस्पताल स्थित एकात्मिक सलाह एवं जांच केंद्र के समुपदेशक श्रीकांत गोहाड ने विद्यार्थियों को किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक, बौद्धिक और मानसिक बदलावों के बारे में जानकारी दी.
श्रीकांत गोहाड ने कहा कि किशोरावस्था विद्यार्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील चरण है. इस दौरान शरीर, विचारों, भावनाओं और व्यवहार में अनेक स्वाभाविक बदलाव होते हैं. विद्यार्थियों को इन बदलावों को सकारात्मक दृष्टिकोण से स्वीकार करते हुए अपने व्यक्तित्व का विकास करना चाहिए. उन्होंने विद्यार्थियों से दैनिक जीवन में सही और गलत के बीच अंतर पहचानने की क्षमता विकसित करने का आह्वान किया. साथ ही, कोई भी निर्णय लेते समय उसके संभावित परिणामों को समझने, अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने और आत्मविश्वास बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया.
गोहाड ने कहा कि मित्रों के बीच अपनी पहचान बनाते समय अच्छे विचारों, सकारात्मक व्यवहार, पारस्परिक सम्मान और सहयोग को प्राथमिकता देनी चाहिए. जीवन कौशल का विकास विद्यार्थियों को बेहतर निर्णय लेने और जिम्मेदार नागरिक बनने में मदद करता है. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रा. दीपक जावले ने की, जबकि प्रमुख अतिथि के रूप में शैलेश ठाकरे और प्रा. राजू कोटांगले उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन मृणाली उईके ने किया तथा आभार प्रदर्शन प्रा. ढोकणे ने किया.

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