शिंदे नाराज होते हैं तो विस्फोट होता है

वे जो भी करते हैं खुले दिल और मन से करते हैं

 बैठक में अनुपस्थित को लेकर बच्चू कडू ने कही मन की बात
अमरावती/ दि. 14– वर्तमान में सूखे के कारण किसान परेशान है, इस स्थिति को देखते हुए विधायक, सांसद और मंत्री भी विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं. इस पृष्ठभूमि के केंद्रीय दल महाराष्ट्र में पहुंचने के बाद इसकी जानकारी उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को नहीं दिए जाने और सूखा राहत बैठक में आमंत्रित नहीं किए जाने के कारण शिंदे नाराज होने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में जारी है, अब इस मामले में शिवसेना नेता विधायक बच्चू कडू ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे जब नाराज होते है तो विस्फोट होता है. इसलिए वे नाराज नहीं है, वहीं राज्य के उद्योगमंत्री सामंत ने भी कहा कि शिंदे के डिशनरी में नाराजगी शब्द नहीं है, वे जो भी करते हैं, उन्होंने स्पष्ट कहा कि नाराजगी को लेकर किसी तरह की चर्चा नहीं है. उन्होंने व्यस्त रहे होंगे, इसलिए बैठक में शामिल नहीं हुए.
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सूखा राहत बैठक से दूर रखे जाने के मुद्दे को लेकर पिछले कुछ दिनों से चर्चा जारी है और महायुति में नाराजगी का माहौल होने की चर्चा भी है. हालांकि शिवसेना नेताओं ने इन खबरों को सिरे से खारिज किया है. मंत्री उदय सामंत और विधायक बच्चू कडू ने इस संबंध में अपना पक्ष रखा है. विपक्ष के पास मुद्दा नहीं – उदय सामंत ने नाराजगी की चर्चाओं को खारिज करते हुए कहा कि शिंदे दरे जाए या दिल्ली कुछ लोगों की पेट में दर्द होने लगता है. यह विपक्ष हमेशा की चाल है. वह झूठा नॅरेटिव तैयार कर रहे है. विपक्ष के पास दूसरा कोई मुद्दा नहीं है. केवल एक बैठक में शामिल न होने का मतलब यह नहीं है कि वे नाराज है. फैलाई गई सभी खबरें तथ्यहीन है.

* कडू के बयान पर कुटे का पलटवार
विधायक बच्चू कडू के बयान पर भाजपा नेता तथा विधायक संजय कुटे ने पलटवार करते हुए स्पष्ट किया कि उपमुख्यमंत्री शिंदे महायुति के साथ खडे है. उन्होंने कहा कि महायुति के तीनों नेता परिपक्व है. बच्चू कडू ने ऐसा क्यों कहा. यह उनका अपना विषय है. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या एकनाथ शिंदे ने कडू को पार्टी प्रमुख की जिम्मेदारी दी है. उन्होंने शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. कहा कि महायुति शिवसेना के उम्मीदवार किरण सरनाईक के पीछे मजबूती से खडी है. उन्होंने कहा कि चुनाव में बगावत करने वाले को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है. शिवसेना के बागियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है, इससे जनता के बीच एक संदेश जाएगा. परसों शुक्रवार 16 अक्तूबर को अमरावती के पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की उपस्थिति में महायुति का सम्मेलन आयोजित किया जाएगा और इसी दिन भाजपा के बागियों पर भी चर्चा होगी.

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