चीनी की स्टॉक लिमिट में आज से 50 प्रतिशत कटौती

दिवाली से पहले जमाखोरी और कृत्रिम किल्लत रोकने के लिए केंद्र का फैसला

थोक व्यापारियों के लिए अधिकतम सीमा 2,000 से घटाकर 1,000 क्विंटल
अमरावती/दि. 15 – त्योहारों और दिवाली के मद्देनजर बाजार में चीनी की कृत्रिम किल्लत पैदा होने, जमाखोरी बढ़ने और कीमतों में अनावश्यक उछाल आने से रोकने के लिए केंद्र सरकार ने चीनी की भंडारण सीमा में एक बार फिर कटौती की है. 15 अक्तूबर से लागू होने वाले नए निर्णय के तहत थोक व्यापारियों के लिए चीनी की अधिकतम स्टॉक लिमिट 2,000 क्विंटल से घटाकर 1,000 क्विंटल कर दी गई है. व्यापारियों को खरीदा गया चीनी का स्टॉक 15 दिनों से अधिक समय तक रखने की अनुमति नहीं होगी.
पिछले तीन महीनों में सरकार ने चीनी की भंडारण सीमा में तीन बार कटौती की है. जुलाई में यह सीमा 4,000 क्विंटल थी, जिसे सितंबर में घटाकर 2,000 क्विंटल किया गया. अब दिवाली से ठीक पहले इसे और कम करते हुए 1,000 क्विंटल निर्धारित किया गया है. सरकार का उद्देश्य बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखना और भंडारण के जरिए कीमतों को प्रभावित करने की संभावनाओं पर अंकुश लगाना है.

* हर शुक्रवार पोर्टल पर देनी होगी स्टॉक की जानकारी
नई व्यवस्था के तहत सभी थोक व्यापारियों और डीलरों के लिए सरकार के ‘फूड स्टॉक मॉनिटरिंग पोर्टल’ पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है. व्यापारियों को प्रत्येक शुक्रवार अपने पास उपलब्ध चीनी के स्टॉक की अद्यतन जानकारी ऑनलाइन दर्ज करनी होगी. इस व्यवस्था के माध्यम से सरकार चीनी के भंडारण और बिक्री पर नजर रखेगी. नियमों का उल्लंघन करने, निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक रखने अथवा गलत जानकारी देने वाले व्यापारियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी. जिला प्रशासन ने भी इस संबंध में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं.

* गोदामों की जांच, अधिक स्टॉक मिलने पर कार्रवाई
जिला आपूर्ति अधिकारी प्रज्वल पाथरे ने बताया कि व्यापारियों के लिए पोर्टल पर पंजीकरण और स्टॉक की ऑनलाइन जानकारी देना अनिवार्य है. इसी क्रम में अमरावती शहर के बड़े व्यापारियों के गोदामों का निरीक्षण किया जा रहा है. जांच के दौरान निर्धारित स्टॉक लिमिट से अधिक चीनी मिलने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. दिवाली के दौरान चीनी की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनी रहे और किसी भी स्तर पर जमाखोरी के कारण कृत्रिम कमी पैदा न हो. नई स्टॉक सीमा के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए व्यापारियों के गोदामों और ऑनलाइन दर्ज की जाने वाली जानकारी पर निगरानी रखी जाएगी.

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