अकोला के नाबालिग ने की थी दुस्साहसी चोरी की वारदात

नागपुरी गेट की 12 लाख की सनसनीखेज चोरी का खुलासा

* एक सप्ताह बाद सोना बेचने अमरावती लौटा तो क्राइम ब्रांच ने दबोचा
* चोरी का पूरा 498 ग्राम सोना रिकवर, चुराई गई रकम में से अधिकांश रकम बरामद
अमरावती/दि.17 – नागपुरी गेट थाना क्षेत्र के मौलाना आजाद कॉलोनी में बंद मकान से करीब 12 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण और नकदी चोरी किए जाने के बहुचर्चित मामले का अमरावती पुलिस ने महज सात दिनों के भीतर खुलासा कर दिया है. शहर में चर्चा का विषय बनी इस दुस्साहसी चोरी की वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी कोई पेशेवर अंतरराज्यीय चोर नहीं, बल्कि अकोला जिले का एक नाबालिग निकला, जो अपने कैंसर पीड़ित फूफा और बुआ के परिवार की सहायता के लिए अमरावती आया था और इस दौरान उसने परिसर में बंद पडे एक मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया. क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को पंचवटी चौक परिसर से हिरासत में लिया. पुलिस ने उसके पास से चोरी गया पूरा 498 ग्राम सोना और करीब 1 लाख 70 हजार रुपये नकद बरामद कर लिया है. आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि चोरी की रकम में से लगभग 30 हजार रुपये वह खर्च कर चुका है.
पुलिस जांच के अनुसार मौलाना आजाद कॉलोनी निवासी मोहम्मद मुज्तबा अली सैयद मुर्तजा अली 9 अगस्त को अपने परिवार के साथ अचलपुर में एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे. घर को ताला लगाकर पूरा परिवार बाहर गया हुआ था. मोहम्मद मुज्तबा अली पहले दुबई में कार्यरत थे और वर्तमान में एमआईडीसी स्थित एक प्लास्टिक कंपनी में मैनेजर के रूप में कार्य कर रहे हैं. 10 अगस्त की तड़के जब परिवार वापस लौटा तो घर का मुख्य ताला टूटा हुआ मिला. अंदर प्रवेश करने पर बेडरूम में रखी लोहे की अलमारी के लॉक भी टूटे हुए थे. पूरे घर का सामान बिखरा पड़ा था, जिससे साफ था कि चोरों ने हर कोना खंगाला था. जांच के दौरान पता चला कि अलमारी में रखे 498 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी अनुमानित कीमत 9 लाख 96 हजार रुपये थी, गायब थे. इसके अलावा 2 लाख रुपये नकद भी चोरी हो चुके थे. कुल मिलाकर चोर लगभग 11 लाख 96 हजार रुपये का माल लेकर फरार हो गया था.
आधा किलो सोने और लाखों रुपये की नकदी चोरी होने की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया था. घटना की गंभीरता को देखते हुए नागपुरी गेट पुलिस के साथ वरिष्ठ अधिकारियों ने भी मामले का संज्ञान लिया. पुलिस आयुक्त राकेश ओला ने अपने मातहत अधिकारियों के साथ स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच की समीक्षा की थी. मामले को चुनौती के रूप में लेते हुए पुलिस आयुक्तालय ने क्राइम ब्रांच यूनिट-2 को भी जांच में शामिल किया. इसके बाद तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय खुफिया जानकारी और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी.
जांच के दौरान पुलिस को जो जानकारी मिली, वह चौंकाने वाली थी. हिरासत में लिया गया नाबालिग मूल रूप से अकोला जिले का निवासी है. वह पिछले सप्ताह अपनी बुआ के घर अमरावती आया था. बताया जाता है कि उसके फूफा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि नाबालिग परिवार की मदद करने की मंशा से अमरावती आया था, लेकिन इसी दौरान उसने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम देने का फैसला कर लिया. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि यह निर्णय उसने अकेले लिया था या किसी ने उसे इसके लिए उकसाया अथवा मार्गदर्शन दिया.
पता चला है कि, वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चोरी गया पूरा सोना और नकदी अपने साथ लेकर अकोला लौट गया. पुलिस के अनुसार उसने चोरी के माल को तत्काल बेचने का जोखिम नहीं उठाया और लगभग एक सप्ताह तक अकोला में ही रुका रहा. इस दौरान पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी रही. क्राइम ब्रांच की टीम विभिन्न तकनीकी सुरागों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपी की गतिविधियों पर नजर रख रही थी. इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी चोरी का सोना बेचने के लिए दोबारा अमरावती आने वाला है. सोमवार सुबह आरोपी चोरी के आभूषणों को बेचने के उद्देश्य से अमरावती पहुंचा. बताया जाता है कि वह पंचवटी चौक क्षेत्र में किसी व्यक्ति से संपर्क करने वाला था.
इसी दौरान क्राइम ब्रांच यूनिट-2 को उसकी मौजूदगी की सटीक जानकारी मिल गई. सूचना मिलते ही यूनिट-2 की टीम ने तत्काल जाल बिछाया और पंचवटी चौक परिसर में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी. कुछ ही देर में नाबालिग को हिरासत में ले लिया गया. पूछताछ के दौरान उसने पहले टालमटोल करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के पास मौजूद तकनीकी साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य सबूतों के सामने वह ज्यादा देर तक टिक नहीं सका. तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी गया पूरा 498 ग्राम सोना बरामद कर लिया. इसके अलावा करीब 1 लाख 70 हजार रुपये नकद भी जब्त किए गए. पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चोरी के बाद उसने करीब 30 हजार रुपये खर्च कर दिए थे. पुलिस अधिकारियों के अनुसार यदि आरोपी सोना बेचने में सफल हो जाता, तो माल की बरामदगी काफी कठिन हो सकती थी. लेकिन समय रहते की गई कार्रवाई के कारण चोरी गए लगभग पूरे माल को सुरक्षित बरामद कर लिया गया. इसे हाल के वर्षों में शहर की सबसे सफल रिकवरी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है.
हालांकि आरोपी को हिरासत में लेकर माल बरामद कर लिया गया है, लेकिन पुलिस जांच अभी समाप्त नहीं हुई है. पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी ने अकेले वारदात को अंजाम दिया या उसके पीछे कोई संगठित गिरोह अथवा स्थानीय सहयोगी भी सक्रिय थे. इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी को घर में रखे भारी मात्रा में सोने और नकदी की जानकारी कैसे मिली. क्या उसने पहले से रेकी की थी, या उसे किसी परिचित ने जानकारी उपलब्ध कराई थी. इन सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है. प्रारंभिक पूछताछ और बरामदगी की कार्रवाई पूरी करने के बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-2 ने आरोपी नाबालिग को आगे की कानूनी प्रक्रिया और विस्तृत जांच के लिए नागपुरी गेट पुलिस के हवाले कर दिया है. पुलिस अब किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई कर रही है.

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