165 अतिक्रमित मकानों पर चली कार्रवाई
रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू

अकोला /दि.2- यात्रियों की सुविधाओं के विस्तार और रेलवे की विभिन्न विकास परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से मध्य रेलवे ने अकोला में अपनी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है. रविवार को रेलवे प्रशासन ने अकोला रेलवे स्टेशन की सीमा में आने वाले शेलार फेल क्षेत्र से लेकर तारफैल के बीच स्थित रेलवे की जमीन पर किए गए अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की.
जानकारी के अनुसार, रेलवे की संपत्ति पर वर्षों से बड़े पैमाने पर अतिक्रमण किया गया था. शेलार फेल से तारफैल क्षेत्र के बीच लगभग 165 लोगों ने रेलवे की सरकारी भूमि पर घर और अन्य निर्माण कर लिए थे. रेलवे विभाग वर्तमान में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है, जिनमें रेलवे ट्रैक की लाइनों का विस्तार भी शामिल है. इसी कारण संबंधित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना आवश्यक हो गया था. रेलवे प्रशासन ने कार्रवाई से पूर्व अतिक्रमणकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वयं स्थान खाली करने की सूचना दी थी. विभाग की ओर से सुबह 8 बजे तक जमीन खाली करने की समयावधि निर्धारित की गई थी. इसके बावजूद निर्धारित समय के बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी. अभियान को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए रेलवे विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने हेतु पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक को पूर्व में पत्र भेजा था. इसके बाद प्रशासन की ओर से व्यापक पुलिस बंदोबस्त किया गया. कार्रवाई के दौरान शहर उपविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) सुदर्शन पाटील, बालापुर एसडीपीओ गजानन पड़घन, रामदास पेठ पुलिस थाना प्रभारी शिरीष खंडारे, जीआरपी थाना प्रभारी वैशाली शिंदे सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे. इसके अलावा रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) तथा अन्य सुरक्षा बलों की भी तैनाती की गई थी, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो.
अतिक्रमण हटाने की पूरी कार्रवाई रेलवे विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों की मौजूदगी में संपन्न की गई. प्रशासन का कहना है कि रेलवे की भूमि पर अवैध कब्जे हटाने का यह अभियान विकास कार्यों को सुचारु रूप से आगे बढ़ाने तथा रेलवे संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, आगामी दिनों में भी आवश्यकतानुसार ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि रेलवे की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर यात्रियों के हित में प्रस्तावित विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके.





