20 साल की लड़ाई के बाद 113 ठेका कर्मियों की नौकरी पक्की
वेतन भी बढ़ेगा, समग्र शिक्षा अभियान के कर्मचारियों को बड़ी राहत

* सरकार ने बाकी 3,373 कर्मचारियों को नियमित करने का फैसला लिया
अमरावती/दि.20- पिछले करीब 20 वर्षों से स्थायी नौकरी की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे समग्र शिक्षा अभियान के कर्मचारियों को आखिरकार बड़ी राहत मिली है. मानसून सत्र के दौरान हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के समग्र शिक्षा अभियान के शेष 3,373 कर्मचारियों को सरकारी सेवा में नियमित करने का निर्णय लिया गया है. इसमें अमरावती जिले के 113 कर्मचारी शामिल हैं.
यह निर्णय संघर्ष समिति के करीब 117 दिनों तक चले आंदोलन की बड़ी सफलता माना जा रहा है. कर्मचारियों ने गर्मी के मौसम से लेकर मानसून सत्र तक विभिन्न स्तरों पर आंदोलन किया था. मुंबई के आजाद मैदान में भी कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया था. इसके बाद सरकार ने नियमितीकरण का फैसला लिया.
* 20 साल से जारी थी लड़ाई
समग्र शिक्षा अभियान में कर्मचारी पिछले दो दशक से अधिक समय से कंत्राटी आधार पर काम कर रहे हैं. पिछले वर्ष दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए काम करने वाले करीब 3 हजार कर्मचारियों को सरकारी सेवा में शामिल किया गया था. हालांकि, बाकी कर्मचारियों को नियमित नहीं किए जाने से उनमें नाराजगी थी. बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद निर्णय नहीं होने पर कर्मचारियों ने आंदोलन तेज कर दिया था.
* इन पदों पर काम कर रहे कर्मचारी होंगे नियमित
अमरावती जिले में नियमित होने वाले कर्मचारियों में विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं. इनमें उपकरण विशेषज्ञ, डेटा एंट्री ऑपरेटर, वरिष्ठ लेखाकार, कंप्यूटर प्रोग्रामर, एमआईएस समन्वयक और इंजीनियर सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं. सरकार की ओर से जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आगे की भर्ती कंत्राटी आधार पर ही की जाएगी. नियमित होने वाले कर्मचारियों का वर्तमान मूल वेतन सुरक्षित रखने की बात कही गई है.
* दस्तावेजों की जांच के बाद जारी होंगे नियुक्ति आदेश
नियमितीकरण के लिए संबंधित कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच की जाएगी. उनकी सेवा अवधि और पात्रता का परीक्षण करने के बाद नियुक्ति आदेश जारी किए जाएंगे. इसके लिए लगातार 10 वर्ष या उससे अधिक समय तक कंत्राट पर सेवा देने वाले कर्मचारियों को पात्रता की प्रमुख शर्तों में शामिल किया गया है.
* पद तो पक्का, लेकिन प्रमोशन-पेंशन का लाभ नहीं
सरकार के निर्णय से कर्मचारियों को नियमित सेवा का लाभ मिलेगा, लेकिन उन्हें पदोन्नति, पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति जैसी सुविधाएं नहीं मिलने की बात सामने आई है. इस कारण नियमितीकरण के साथ सेवा शर्तों को लेकर कर्मचारियों में कुछ सवाल भी बने हुए हैं.
* ‘कम वेतन में पूरी जिंदगी सेवा में गुजारी’
संघर्ष समिति के राज्य सचिव विवेक राउत ने कहा कि कर्मचारियों ने करीब 20 वर्षों तक बेहद कम वेतन पर संविदा आधार पर सेवा दी है. उनकी पूरी जिंदगी इसी सेवा में गुजर गई. इसलिए वेतनमान तय करते समय उनकी लंबी सेवा अवधि को गंभीरता से ध्यान में रखा जाना चाहिए. आंदोलन के दौरान कुछ कर्मचारियों की मृत्यु हुई, जबकि कुछ कर्मचारी सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं.
* क्या है समग्र शिक्षा अभियान?
समग्र शिक्षा अभियान केंद्र सरकार की शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी एक व्यापक पहल है, जिसे वर्ष 2018 में शुरू किया गया था. इसके तहत स्कूली शिक्षा से संबंधित विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों को एकीकृत रूप से लागू किया जाता है.





